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Success Story: 'होम साइंस सिर्फ लड़कियों के लिए'..., इस शख्स ने तोड़ा मिथक और सफलता की लिखी कहानी

होम साइंस, ये सब्जेक्ट अक्सर लड़कियां चुनती हैं और लेकिन जयपुर के एक युवा ने इस सब्जेक्ट को चुना और मिथक तोड़ दिया। राजस्थान के बूंदी जिले के छोटे से कस्बे हिंडोली से निकलकर रजत ने जब गृह विज्ञान विषय चुनने का फैसला किया, तो उन्हें समाज के तानों और मजाक का सामना करना पड़ा।

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Rajat Jain Success story

Success Story: होम साइंस, ये सब्जेक्ट अक्सर लड़कियां चुनती हैं और लेकिन जयपुर के एक युवा ने इस सब्जेक्ट को चुना और मिथक तोड़ दिया। इस युवा का नाम है रजत जैन, जिसने समाज की बेड़ियों को तोड़कर एक मिसाल कायम की है। बूंदी जिले के छोटे से कस्बे हिंडोली से निकलकर रजत ने जब गृह विज्ञान विषय चुनने का फैसला किया, तो उन्हें समाज के तानों और मज़ाक का सामना करना पड़ा। उन्होंने न सिर्फ अपने सपनों को पूरा किया बल्कि एक कामयाब डायटीशियन भी बन गए, वो भी तब जब उन्होंने होम साइंस जैसे तथाकथित 'लड़कियों के सब्जेक्ट' को चुना।

लड़कियों के बैच में अकेले लड़के

मूलरूप से राजस्थान के बूंदी जिले के छोटे से कस्बे हिंडोली के रहने वाले रजत ने गृह विज्ञान विषय चुना तो नाते-रिश्तेदारों ने ताने दिए और उनका मजाक बनाया। लोगों ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि यह 'लड़कियों का सब्जेक्ट' है, लेकिन रजत ने एक नहीं मानी। जब वह कॉलेज में भी पहुंचे तो चुनौतियां सामने आईं। वह गृह विज्ञान में 30 लड़कियों के बीच अकेले लड़के के थे। उन्होंने न सिर्फ इन चुनौतियों का डटकर सामना किया, बल्कि अपनी मेहनत और लगन से सभी को चुप कर दिखाया।

डाइटिशियन बनकर कमाया नाम

रजत जैन ने ग्रेजुएशन के बाद महात्मा ज्योतिबा राव फुले विश्वविद्यालय जयपुर से क्लिनिकल न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स में मास्टर डिग्री ली है। वह डायरिटिशयन के रूप में राजस्थान पुलिस अकादमी, राष्ट्रीय पुलिस अकादमी और राजस्थान रॉयल्स आईपीएल टीम के साथ भी काम कर चुके हैं। रजत उन युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो समाज के बनाए नियमों से बंधे हुए हैं। वो कहते हैं कि अगर आप अपने सपने को पूरा करना चाहते हैं और लक्ष्य को पाना चाहते हैं तो समाज की परवाह मत करिए। जो करना दिल से करिए।

कैसे बनतें डायटीशियन

अगर आप भी डायटीशियन के रूप में करियर बनाना चाहते हैं तो 12वीं के बाद फूड एंड न्यूट्रीशन में बीएससी और एमएससी कोर्स किए जा सकते हैं। वहीं, हायर स्टडीज की तरफ जाना चाहते हैं तो इस इस फील्ड में पीएचडी भी की जा सकती है।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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