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Children's Day Facts: बाल दिवस का इतिहास, 1964 के बाद क्यों बदली इसकी डेट?

  • Written by: प्रभाष रावत
  • Updated Nov 5, 2022, 06:38 PM IST

Children's Day Date History: भारत में पहले बाल दिवस को किसी और दिन मनाया जाता था लेकिन 1964 से इस डेट को बदलकर 14 नवंबर कर दिया गया था। यह दिन पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू से जुड़ा हुआ है। आने वाले बाल दिवस 2022 से पहले जानिए इससे जुड़ा कुछ इतिहास।

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बाल दिवस का इतिहास

KEY HIGHLIGHTS
भारत में हर साल 14 नवंबर को मनाया जाता है बाल दिवस।
साल 1964 से पहले 20 नवंबर थी चिल्ड्रन डे मनाने की डेट।
बच्चों के अधिकारों, देखभाल और शिक्षा पर केंद्रित है बाल दिवस का दिन।

Children's Day Facts in Hindi: भारत में बाल दिवस हर साल 14 नवंबर को भारत के पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धांजलि के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों, देखभाल और शिक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। इस दिन देश भर में बच्चों की ओर से और बच्चों के लिए कई शैक्षिक प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू को प्यार से चाचा नेहरू कहा जाता था। उन्हें बच्चों और गुलाबों का बहुत शौक था। वह बच्चों को राष्ट्र का भविष्य और कल का नागरिक मानते थे।

पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को हुआ था। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और भारतीय प्रबंधन संस्थान जैसे कई शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना की थी। उन्होंने मुफ्त प्राथमिक शिक्षा, स्कूलों में मुफ्त भोजन पर भी जोर दिया।

बच्चों के लिए उनका प्यार ही था कि जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद, उनकी जयंती को भारत में बाल दिवस के रूप में मनाने के लिए विचार किया गया था। जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु से पहले, भारत ने 20 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता था। संयुक्त राष्ट्र की ओर से बाल दिवस के रूप में यह दिन चिन्हित है।

  1. भारत में बाल दिवस को बाल दिवस के रूप में भी जाना जाता है।
  2. बाल दिवस बच्चों के अधिकारों, देखभाल और शिक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
  3. भारत में स्वतंत्रता के बाद पहला बाल दिवस 1959 में मनाया गया था।
  4. 1964 से पहले, भारत में बाल दिवस 20 नवंबर को मनाया जाता था।
1964 में पंडित जवाहरलाल नेहरू की मृत्यु के बाद, बाल दिवस समारोह की तारीख 20 नवंबर से बदलकर 14 नवंबर कर दी गई, जोकि जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिवस का दिन है।
प्रभाष रावत
प्रभाष रावतauthor

रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक विषयों में विशेष रुचि रखने वाले प्रभाष रावत कुछ-ना-कुछ नया सीखते रहने में विश्वास करते हैं। बीते 5 साल से ज्यादा समय में पत्रकारिता की कई बीट पर काम करने का अनुभव। साथ ही संवाद और लेखन से खुद को व्यक्त करने के अलावा आध्यात्म भी इनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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