Gandhi Jayanti Speech in Hindi 2024 (गांधी जयंती पर भाषण हिंदी में 2024): मन में थी अहिंसा की लगन और तन पर लंगोटी, लाखों में लिए घूमता था लिए सत्य की सोंटी.. भारत को अंग्रेजों की बेड़ियों से मुक्त करवाने वाले महात्मा गांधी भारतीय इतिहास के ऐसे पुरोधा थे, जिन्होंने अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए ना केवल देश को गुलामी की बेड़ियों से आजाद करवाया बल्कि अंग्रेजी हुकूमत को जड़ से उखाड़ कर (Gandhi Jayanti Speech ) फेंक दिया। अंग्रेज कभी बापू की धोती और लंगोटी का भेद नहीं समझ पाए। ब्रिटिश के प्रधानमंत्री चर्चिल ने बापू का मजाक उड़ाते हुए द नेकेड सेंट यानी नंगा फकीर (Gandhi Jayanti Speech In Hindi) कहा था। लेकिन चर्चिल कहां जानता था कि एक दिन बापू इसी की तस्वीर के सामने खड़े होंगे और पूरी दुनिया उनके सामने नतमस्तक होगी।
बापू हमेशा से समावेशी, समतामूलक और विविधताओं से भरे समाज के पक्षधर रहे। बापू ने अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए अंग्रेजों को नाकों चने चबाने के लिए मजबूर कर दिया था और अंत में उन्हें देश छोड़कर (Gandhi Jayanti Bhashan) जाना पड़ा। उन्होंने अहिंसक तरीके से ना केवल अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई थी बल्कि कई आंदोलन में अहम भूमिका (Gandhi Jayanti Speech In Hindi) भी निभाई।
Gandhi Jayanti Speech in Hindi 2024
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर शहर में हुआ। उनके पिता का नाम करमचंद गांधी और माता का नाम पुतलीबाई था। गांधी जी अपने तीनों भाई बहनों में सबसे छोटे थे। प्रत्येक वर्ष गांधी जयंती को भारतवर्ष में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन स्कूल कॉलेज व अन्य शैक्षणिक संस्थानों में तमाम तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। ऐसे में यहां हम आपके लिए गांधी जयंती पर शानदार भाषण, कोट्स लेकर आए हैं।Gandhi Jayanti Speech In Hindi: गांधी जयंती पर ऐसे दें भाषण
यदि आप भी गांधी जयंती पर भाषण देने जा रहे हैं तो ध्यान रहे अपने भाषण की शुरुआत महात्मा गांधी के शानदार कोट्स के साथ करें। साथ ही ध्यान रहे भाषण में महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए आंदोलन का जिक्र करना ना भूलें। भाषण ज्यादा लंबा ना रखें। इससे लोगों को बोरियत महसूस होती है।Gandhi Jayanti Quotes In Hindi: गांधी जयंती पर कोट्स
- आजादी का कोई अर्थ नहीं है यदि इसमें गलतियां करने की आजादी शामिल न हों -महात्मा गांधी
- डर शरीर का रोग नहीं है, यह आत्मा को मारता है -महात्मा गांधी
- ऐसे जिएं कि जैसे आपको कल मरना है और सीखें ऐसे जैसे आपको हमेशा जीवित रहना है । -महात्मा गांधी
- गुलाब को उपदेश देने की आवश्यकता नहीं होती। वह तो केवल अपनी ख़ुशबू बिखेरता है। उसकी ख़ुशबू ही उसका संदेश है -महात्मा गांधी
