एजुकेशन

क्या है NIOS ब्रिज कोर्स, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने किया शुभारंभ, जानें बीएड डिग्रीधारी शिक्षकों के लिए क्यों है जरूरी

छह महीने का 'प्राइमरी टीचर एजुकेशन ब्रिज कोर्स' NIOS के ज़रिए ODL मोड में चलाया जाएगा, जिसमें ऑनलाइन क्लास, स्कूल-बेस्ड प्रैक्टिकम और डिजिटल लर्निंग रिसोर्स शामिल होंगे।

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ब्रिज कोर्स के उद्घाटन के दौरान प्रह्लाद जोशी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने प्राइमरी टीचर एजुकेशन (PTE) में छह महीने का सर्टिफिकेट (ब्रिज) कोर्स शुरू किया। यह कोर्स उन प्राइमरी स्कूल शिक्षकों के लिए है जो पहले से नौकरी कर रहे हैं और जिनके पास BEd की डिग्री है। यह नया ब्रिज कोर्स नौकरी कर रहे शिक्षकों के लिए प्राइमरी लेवल पर पढ़ाने का सर्टिफ़िकेट पाने का एक अहम जरिया बनेगा। यह एक खास प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम है, जिसे शिक्षकों को ऐसी ट्रेनिंग देने के लिए बनाया गया है जिससे वे प्राइमरी लेवल (कक्षा 1 से 5) पर बच्चों को बेहतर ढंग से पढ़ाने के लिए जरूरी स्किल्स और काबिलियत हासिल कर सकें।

शिक्षा मंत्रालय (MoE) से मिली जानकारी के मुताबिक, यह ब्रिज कोर्स नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) के ज़रिए लागू किया जाएगा। PIB की एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह कोर्स "शिक्षकों को बच्चों पर केंद्रित, समावेशी और बच्चों के विकास के हिसाब से सही टीचिंग के तरीकों में माहिर बनाएगा, जिससे शुरुआती और प्राइमरी लेवल पर शिक्षा की क्वालिटी बेहतर होगी।"

PIB ने बताया कि यह कोर्स नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) के फ्रेमवर्क के आधार पर तैयार किया गया है। यह कोर्स एकेडमिक लर्निंग, कम से कम 10 दिन की ऑनलाइन कॉन्टैक्ट क्लास और कम से कम 20 दिन के स्कूल-बेस्ड अनुभव के ज़रिए प्राइमरी लेवल पर पढ़ाने की काबिलियत को मजबूत करेगा। साथ ही, यह शिक्षकों को छोटे बच्चों की सीखने की अलग-अलग ज़रूरतों को पूरा करने में सक्षम बनाएगा।

इस कोर्स में छह थ्योरी कोर्स और स्कूल-बेस्ड प्रैक्टिकम शामिल होंगे। इसमें सीखने के बुनियादी सिद्धांतों पर आधारित थ्योरी और प्रैक्टिकल, दोनों तरह के हिस्से होंगे। पढ़ाई का माध्यम हिंदी और अंग्रेजी भाषाएं होंगी। हालांकि, शिक्षकों को आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से किसी भी भाषा में पब्लिक परीक्षा (थ्योरी) देने की अनुमति होगी। यह कोर्स ODL (ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग) मोड के जरिए कराया जाएगा।

कोर्स में कॉन्टैक्ट प्रोग्राम, स्कूल-बेस्ड प्रैक्टिकम (प्रैक्टिस टीचिंग, रिफ्लेक्टिव जर्नल, पोर्टफोलियो), वीडियो ट्यूटोरियल, ई-लर्निंग मटीरियल और डिजिटल प्लेटफॉर्म शामिल होंगे। इस तरीके से यह पक्का किया जाता है कि नौकरी कर रहे शिक्षक अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी कोर्स के कंटेंट के साथ सक्रिय रूप से जुड़ सकें।

Kuldeep Raghav
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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