Dussehra par nibandh, Essay in Hindi Vijayadashami essay for students (दशहरा पर निबंध): 2 अक्टूबर को देशभर में विजयदशमी यानी दशहरा का पर्व मनाया जाएगा। दशहरा पर्व असत्य पर सत्य की विजय का पर्व है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने आश्विन प्रतिपदा से नवमी तिथि तक देवी भगवती की उपासना की थी और दशमी के दिन लंकापति रावण का वध कर तीनों लोक को राक्षसों से मुक्तकिया था। दशहरा पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले को जलाया जाता है। इस दिन स्कूल, कॉलेज व अन्य सामाजिक स्थलों पर तमाम तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर छात्रों से निबंध लिखवाए जाते हैं। ऐसे में यहां हम आपके लिए दशहरा पर निबंध लेकर आए हैं। इस तरह से आप दशहरा पर निबंध लिखेंगे तो क्लास में सभी आपके मुरीद हो जाएंगे।
Dussehra Essay In Hindi: कुछ इस तरह लिखें दशहरा पर निबंध
यदि आप भी दशहरा पर निबंध लिखने जा रहे हैं तो ध्यान रहे निबंध में भाषा को लेकर किसी प्रकार की कोई श्रुटि ना हो। साथ ही निबंध सीमित शब्दों में होना चाहिए। यहां आप दशहरा पर सबसे सरल व शानदार निबंध देख सकते हैं। यहां दशहरा पर स्कूली छात्रों के लिए सरल एवं प्रभावशाली निबंध दिया गया है, जिसे अलग-अलग कक्षाओं के छात्र आसानी से प्रयोग कर सकते हैं-
"प्रस्तावना
सनातन परंपरा में आश्विन मास के शुक्लपक्ष की दशमी तिथि का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है क्योंकि इसी दिन भगवान राम के द्वारा रावण वध हुआ था। भारत त्योहारों का देश है। इन्हीं प्रमुख त्योहारों में से एक है दशहरा, जिसे विजयदशमी भी कहा जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। हर त्योहार अपने साथ खुशी, उत्साह और सामाजिक संदेश लेकर आता है।
दशहरे का महत्व
दशहरा हर वर्ष आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध करके माता सीता को वापस लाया था। यह पर्व हमें यह संदेश देता है कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में अच्छाई ही जीतती है। बुराई पर अच्छाई और सत्य पर असत्य की जीत से जुड़ा यह पावन पर्व इस साल 02 अक्टूबर 2025, गुरुवार के दिन मनाया जाएगा।

Dussehra Essay: दशहरा पर निबंध
दशहरा मनाने की परंपरा
हिंदू मान्यता के अनुसार दशानन रावण बुराई और अहंकार का प्रतीक है, जिसे वध करके भगवान राम ने दूर किया था। दशहरे पर गांव-गांव और शहरों में रामलीला का मंचन किया जाता है। लोग आतिशबाज़ी देखकर खुश होते हैं। इस दिन मेले लगते हैं और बच्चों में विशेष उत्साह होता है।लोग भगवान राम, लक्ष्मण, हनुमान और रावण की झांकियां देखते हैं। शाम के समय रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले जलाए जाते हैं।
दशहरा का सामाजिक संदेश
यह त्योहार हमें सिखाता है कि हमें अपने अंदर छिपे अहंकार, क्रोध, लोभ और ईर्ष्या जैसे "रावण" को भी हराना चाहिए। दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें जीवन जीने की प्रेरणा देता है। रावण दहन से यह भी संदेश मिलता है कि आप कितने भी शक्तिशाली और गुणी क्यों न हों लेकिन अनीति और अधर्म का मार्ग आपके अंत का कारण बनेगा।

Vijayadashami Essay: विजयदशमी पर निबंध
उपसंहार
दशहरा का पर्व हमें यह याद दिलाता है कि "सत्य की हमेशा जीत होती है।" हमें इस त्योहार से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में सच्चाई और सदाचार का मार्ग अपनाना चाहिए।"
Dussehra Essay In Hindi: दशहरा पर सबसे छोटा व शानदार निबंध
दशहरा को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक मानाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने लंकापति रावण का वध किया था। वहीं दशहरा को लेकर एक दूसरी कथा भी काफी प्रचलित है। कहा जाता है कि मां भगवती ने लगातार नौ दिनों तक महिषासुर राक्षस के साथ युद्ध के बाद दशमी तिथि को उसका वध किया था। यही कारण है कि प्रत्येक वर्ष दशहरा को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले का दहन किया जाता है।
