02 अक्टूबर को दशहरा यानी विजय दशमी का पर्व मनाया जाएगा। यह दिन असत्य पर सत्य, अंधकार पर प्रकाश की विजय का पर्व है। ये वही दिन है जबब भगवान राम ने रावण का वध किया था।
इस अवसर पर देशभर में दशानन रावण का पुतला दहन किया जाता है। दशहरा के अवसर पर जानते हैं कि रावण का पूरा परिवार कैसा था, उसके कितने बेटे और भाई बहन थे।
रावण लंका का राजा था। रावण को महान विद्वान, प्रकांड पंडित, महाज्ञानी, राजनीतिज्ञ, महाप्रतापी, महापराक्रमी योद्धा और अत्यन्त बलशाली जैसे नामों से पुकारा गया है। सारस्वत ब्राह्मण महर्षि पुलस्त्य ऋषि का पौत्र और विश्रवा का पुत्र था। रावण की माता कैकसी थी जो राक्षस कुल की थी। इसलिए रावण ब्राह्मण पिता और राक्षसी माता की संतान था।
रावण के पुत्र मेघनाद के बारे में सब जानते हैं लेकिन क्या आपको मालूम है कि रावण के कितने बेटे थे। दशहरा के अवसर पर जानते हैं कि रावण का पूरा परिवार कैसा था।
रावण की तीन रानियां थीं। उसका विवाह मय दानव की पुत्रियों से हुआ था। उनके नाम हैं मन्दोदरी और दम्यमालिनी। जबकि तीसरी रानी का नाम ज्ञात नहीं।मन्दोदरी से उसे मेघनाद और अक्षय कुमार नामक दो पुत्र थे। दम्यमालिनी से उसके अतिकाय, त्रिशरा, नरान्तक और देवान्तक नामक चार पुत्र थे। रावण के तीन पत्नियों से सात पुत्र उत्पन्न हुए। तीसरी पत्नी से एक पुत्र प्रहस्था था।
कैकसी से विश्रवा को जो संतानें हुईं, उनमें सबसे पहले रावण, फिर कुंभकर्ण, फिर विभीषण का जन्म हुआ। इन 4 के अलावा विश्रवा के और भी पुत्र थे जिनमें अहिरावण, खर, दूषण और कुबेर शामिल हैं।
सूपर्णखां रावण की सगी बहन थी, वहीं कुम्भिनी उसकी सौतेली बहन थी।