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UPSC CSAT 2023: आखिर क्यों CSAT पेपर का कटऑफ 33 से 23% किए जाने की हो रही मांग, क्या कहना है दिल्ली हाईकोर्ट का

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 28, 2023, 04:30 PM IST

UPSC CSAT 2023: CSAT पेपर का कटऑफ 33 से 23% किए जाने की मांग की जा रही है, यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट तक आ गया है। आइये जानें क्या है मामला? क्योंकि कटआफ क्यों कम करने की उठ रही मांग

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CSAT पेपर 2023 (image - istock)

UPSC CSAT 2023: CSAT पेपर का कटऑफ 33 से 23% किए जाने की मांग की जा रही है, यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट तक आ गया है। आइये जानें क्या है मामला? क्योंकि कटआफ क्यों कम करने की उठ रही मांग?

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) से CSAT पेपर के लिए कटऑफ 33% से घटाकर 23% करने की छात्रों की याचिका पर शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया है।

दरअसल यूपीएससी द्वारा पिछले महीने आयोजित की गई सिविल सेवा परीक्षा 2023 की CSAT पेपर II की परीक्षा उत्तीर्ण करने लिए कट ऑफ को 33% से घटाकर 23% करने की मांग को लेकर परिक्षार्थियों ने सेंट्रल एडमिनस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT ) में याचिका दाखिल की थी, लेकिन केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) ने अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया था।

UPSC CSAT News in Hindi: जल्द होगी सुनवाई

केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) के फैसले के खिलाफ अभ्यर्थियों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी.. जिसपर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) से अनुरोध किया है कि छात्रों की याचिका पर जल्द सुनवाई कर फैसला करे।

यूपीएससी की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों की ओर से कहा गया है कि CAST पेपर के प्रश्नों को काफी कठिन बनाया गया है और इसका स्तर आईआईटी जेईई परीक्षाओं के समान रखा गया था। यही नही छात्रों ने दिल्ली हाईकोर्ट से मांग की है कि यूपीएससी को 12 जून को घोषित परिणाम पर आगे कार्रवाई करने से रोका जाए। यह मामला देश भर के उन लाखों छात्रों को प्रभावित करता है जो UPSC द्वारा आयोजित CSAT पेपर II से प्रभावित हैं।

सिविल सेवा प्रारम्भिक परीक्षा का रिजल्ट 12 जून को घोषित किया गया है इसलिए प्रभावित छात्रो ने याचिका पर जल्द से जल्द सुनवाई की मांग की है

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