भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) देश के सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक हैं। हर साल लाखों छात्र जेईई एडवांस्ड परीक्षा में शामिल केवल इस संस्थान में प्रवेश के लिए होते हैं, लेकिन इस परीक्षा को पास कर कुछ ही छात्रों को आईआईटी में पढ़ने का मौका मिलता है। लेकिन कई बार आईआईटी में एडमिशन मिलने के बाद भी कुछ छात्र यह सोचने लगते हैं कि "क्या पढ़ाई के दौरान छात्र एक आईआईटी से दूसरे आईआईटी में ट्रांसफर ले सकते हैं?" अगर आपके मन में भी यह सवाल है, तो आइए जानते हैं कि इस विषय पर आईआईटी के आधिकारिक नियम क्या कहते हैं।
क्या एक आईआईटी से दूसरे IIT में ट्रांसफर संभव है?
सरल और सीधे शब्दों में कहें तो— नहीं, सामान्य परिस्थितियों में एक आईआईटी से दूसरे आईआईटी में ट्रांसफर लेना संभव नहीं है। आधिकारिक नियमों के अनुसार, यदि किसी छात्र को 'IIT दिल्ली' या 'IIT बॉम्बे' में एडमिशन मिला है, तो उसे अपनी पूरी डिग्री उसी संस्थान से पूरी करनी होगी। आप पढ़ाई के बीच में किसी दूसरे आईआईटी में अपना ट्रांसफर (माग्रेशन) नहीं करवा सकते।
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हालांकि देश के भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में आने वाले समय में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए एक ऐसी व्यवस्था तैयार की जा रही है, जिसमें छात्र अपने मूल आईआईटी कैंपस के अलावा देश के किसी अन्य आईआईटी कैंपस में जाकर भी एक या दो सेमेस्टर की पढ़ाई कर सकेंगे। सबसे खास बात यह है कि दूसरे आईआईटी में पढ़े गए कोर्स के क्रेडिट उनके मूल संस्थान में पूरी तरह मान्य होंगे। लेकिन इसका अवसर हर छात्र को नहीं बल्कि केवल 5 प्रतिशत छात्रों को मिलेगा।
नियम इतने सख्त क्यों हैं?
आईआईटी में इंटर-कॉलेज ट्रांसफर की अनुमति न मिलने के पीछे कई मुख्य कारण हैं: स्वतंत्र स्वायत्तता, सीट आवंटन की प्रक्रिया और प्रशासनिक सीमाएं है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानें -
स्वतंत्र स्वायत्तता - देश के सभी आईआईटी स्वायत्त (Autonomous) संस्थान हैं। हर आईआईटी का अपना अलग करिकुलम, परीक्षा प्रणाली, क्रेडिट सिस्टम और ग्रेडिंग का तरीका होता है।
सीट आवंटन प्रक्रिया - आईआईटी में एडमिशन पूरी तरह से जेईई एडवांस्ड की ऑल इंडिया रैंक और जोसा काउंसलिंग के जरिए होती है। यदि ट्रांसफर की अनुमति दी जाए, तो काउंसलिंग प्रक्रिया और सीटों का संतुलन बिगड़ जाएगा।
प्रशासनिक सीमाएं - एक संस्थान से दूसरे संस्थान में क्रेडिट ट्रांसफर करने की कोई व्यवस्था आईआईटी के यूजी नियमों में शामिल नहीं है। सभी संस्थानों के अपने नियम है और वह स्वतंत्र रूप से काम कर रहे हैं।
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क्या ब्रांच बदलने का कोई विकल्प होता है?
भले ही आप एक आईआईटी से दूसरे आईआईटी में नहीं जा सकते, लेकिन उसी आईआईटी के भीतर ब्रांच बदलने का विकल्प पहले कुछ संस्थानों में उपलब्ध होता था। पहले साल के शानदार प्रदर्शन (उच्च CGPA) के आधार पर छात्र अपनी ब्रांच (जैसे मैकेनिकल से कंप्यूटर साइंस) बदल सकते थे। हालांकि, हाल के वर्षों में 'आईआईटी बॉम्बे', 'आईआईटी मद्रास' और 'आईआईटी खड़गपुर' जैसे कई प्रमुख आईआईटी ने पढ़ाई का तनाव कम करने के लिए इस 'ब्रांच चेंज' की व्यवस्था को भी खत्म या काफी सीमित कर दिया है। इसकी जानकारी आपको अपने संस्थान से प्राप्त करनी होगी कि वहां ब्रांच चेंज का नियम है कि नहीं।
