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Arunachal Pradesh Foundation Day: अरुणाचल प्रदेश की स्थापना कब हुई थी, जानें इतिहास और अनसुने फैक्ट्स

Arunachal Pradesh Foundation Day: असम राज्य अलग होकर एक पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त करने वाला अरुणाचल प्रदेश अब 40 वर्ष का हो रहा है। 'उगते सूरत की धरती' और 'भोर के पहाड़ों की भूमि' के नाम से प्रसिद्ध इस राज्य के बारे में आप कितना जानते है। आइए अरुणाचल प्रदेश स्थापना दिवस 2026 पर राज्य के इतिहास के बारे में आपको बताएं।

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अरुणाचल प्रदेश की स्थापना कब हुई थी

Arunachal Pradesh Foundation Day: उगती हुए सूरज की भूमि के नाम से प्रसिद्ध अरुणाचल प्रदेश की स्थापना 20 फरवरी 1987 में हुई थी। यह देश का वह राज्य जहां सूरज की किरणें सबसे पहले पड़ती है। सुबह के साथ यहां रात भी जल्दी हो जाती है। जिस समय आमतौर पर अन्य राज्यों में रात की शुरुआत होती हैं, उस समय अरुणाचल प्रदेश में लोग चदर तान कर सोने चले जाते हैं। बता दें कि 2026 में अरुणाचल प्रदेश 40 वर्ष का हो रहा है। राज्य की स्थापना 24वें राज्य के तौर पर हुई थी। नॉर्थ ईस्ट राज्यों का हिस्सा और सेवन सिस्टर स्टेट में शामिल अरुणाचल प्रदेश के इतिहास और महत्व के बारे में लोग कम जानते हैं। आइए आज आपको इस राज्य के बारे में बताएं, ताकि आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने वाले इस राज्य से संबंधित प्रश्नों के उत्तर आसानी से दे सकें।

अरुणाचल प्रदेश की स्थापना कब हुई थी?

अरुणाचल प्रदेश की स्थापना 20 फरवरी को 1987 में हुई थी। यह असम राज्य से अलग होकर एक पूर्ण राज्य बना था। उससे पहले इसे केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर जाना जाता था। 1987 में इसे पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।

पहले किस नाम से जाना जाता था अरुणाचल प्रदेश

पूर्ण राज्य बनने से पहले अरुणाचल प्रदेश को 1972 तक नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (NEFA) या उत्तर-पूर्वी सीमांत एजेंसी के नाम से जाना जाता था। बता दें कि अरुणाचल प्रदेश को भोर के पहाड़ों की भूमि के नाम से भी जाना जाता है।

अरुणाचल प्रदेश स्थापना दिवस 2026: इतिहास

1826 यांडाबू की संधि: प्रथम एंग्लो-बर्मी युद्ध की समाप्ति के बाद इस क्षेत्र आधिकारिक तौर पर ब्रिटिश नियंत्रण में आया।

1838 प्रशासनिक शुरुआत: क्षेत्र के सुचारू संचालन के लिए उत्तर पूर्व सीमांत एजेंसी यानी की NEFA की स्थापना की गई।

1914 मैकमोहन रेखा: 1914 में शिमला समझौते के तहत तिब्बत और भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र के बीच की सीमा निर्धारित की गई, जिसे चीन, तिब्बत और ब्रिटिश शासकों द्वारा उस दौरान मान्यता दी गई।

1947 स्वतंत्रता के बाद: भारत के आजाद होने पर NEFA को प्रशासनिक रूप से असम राज्य के अधीन कर दिया गया।

1972 केंद्र शासित प्रदेश: बता दें कि 1972 में NEFA का नाम बदलकर 'अरुणाचल प्रदेश' किया गया और इसे केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) का दर्जा मिला।

1987 पूर्ण राज्य का दर्जा: 55वें संवैधानिक संशोधन के तहत अरुणाचल प्रदेश को भारत के 24वें राज्य के रूप में पूर्ण मान्यता प्राप्त हुई।

अरुणाचल प्रदेश फैक्ट्स

1. क्षेत्रफल के मामले में अरुणाचल प्रदेश पूर्वोत्तर का सबसे अधिक भू-भाग वाला राज्य है। इस राज्य का क्षेत्रफल 83,743 वर्ग किमी में फैला हुआ है।

2. भारत के अन्य राज्यों की तुलना में अरुणाचल प्रदेश में सबसे कम भीड़भाड़ है। यहां प्रति वर्ग किलोमीटर में औसतन केवल 13 से 17 लोग ही निवास करते हैं।

3. प्रदेश की 82% से अधिक भूमि घने जंगलों से ढकी है। जैव विविधता के मामले में यह इतना समृद्ध है कि यहां 'नामदफा' और 'मौलिंग' जैसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान हैं।

4. अरुणाचल का डोंग गांव भारत का वो गांव है जहां सूरज की पहली किरण दस्तक देती है। इसलिए इसे 'उगते सूरज की भूमि' या 'भोर के पर्वतों का देश' के नाम से जाना जाता है।

5. अरुणाचल प्रदेश में 26 मुख्य जनजातियों और लगभग 100 उप-जनजातियों का घर है। यहां हर कम्युनिटी की अपनी अलग विरासत, भाषा और जीवन शैली है।

6. विश्वभर में प्रसिद्ध तवांग मठ अरुणाचल प्रदेश में ही स्थित है, जिसे देखने देश-दुनिया से भारी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं। यह भारत का सबसे बड़ा और वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे विशाल बौद्ध मठ है।

7. राज्य का सबसे ऊंचा भौगोलिक बिंदु कांगटो चोटी है अरुणाचल प्रदेश में है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई 7,090 मीटर है, जो इसे पर्वतारोहियों के लिए स्वर्ग बनाती है।

ऊपर दी गई जानकारी के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षा की तैयार कर रहे छात्रों को लाभ होगा। वह अरुणाचल प्रदेश के बारे में जान पाएंगे और परीक्षा में इससे संबंधित पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर भी आसानी से दे पाएंगे।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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