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बिहार में गंगा का कहर: सुल्तानगंज में खतरे के निशान से ऊपर बही गंगा, 34 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित

बिहार के सुल्तानगंज में गंगा नदी ने उच्चतम बाढ़ स्तर पार कर लिया है। पूरे बिहार में 34 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, कई गांवों में पानी घुस गया है।

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बिहार में गंगा का कहर: सुल्तानगंज में खतरे के निशान से ऊपर बही गंगा, 34 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित

बिहार के 13 जिलों में बाढ़ से 34 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा के उच्चतम स्तर (HFL) पार करने के बाद प्रशासन ने निचले इलाकों के लिए चेतावनी जारी की है। आपदा प्रबंधन विभाग के मंगलवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, 'आठ सितंबर को सुबह आठ बजे भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर 36.80 मीटर दर्ज किया गया, जो 17 अगस्त 2021 को दर्ज 36.75 मीटर के पिछले उच्चतम स्तर से अधिक है। हालांकि, फिलहाल जलस्तर स्थिर बना हुआ है।'

मंगलवार सुबह भागलपुर जिले के खरीक रघोपुर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एक छोटी नाव पलट गई। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के जवानों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नाव पर सवार सभी 10 लोगों को सुरक्षित बचा लिया।

गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, गंगा, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां राज्य के विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

बाढ़ से पटना, भागलपुर, वैशाली, सारण, बेगूसराय, खगड़िया और मुंगेर सहित 13 जिलों के 79 प्रखंडों की 480 ग्राम पंचायतों में लगभग 34.31 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

सितंबर में अब तक राज्य में 79.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई

बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, सितंबर में अब तक राज्य में 79.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई जो सामान्य से 31 प्रतिशत अधिक है। गंडक नदी डुमरियाघाट और हाजीपुर, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला, बूढ़ी गंडक नदी खगड़िया, गंगा नदी दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर, पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती नदी बेनीबाद तथा घाघरा नदी दरौली और गंगपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 432 सामुदायिक रसोई संचालित

विभाग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 432 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा 14 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जहां आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था की गई है। अब तक करीब 1.29 लाख पॉलीथिन शीट तथा लगभग 22,900 सूखा राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं।

राज्य में कुल 1,832 नावें संचालित की जा रही हैं

निकासी और आवागमन के लिए राज्य में कुल 1,832 नावें संचालित की जा रही हैं। वहीं अब तक 3,142 क्विंटल पशु चारा भी वितरित किया गया है।महत्वपूर्ण बैराजों से जल निकासी के संबंध में विभाग ने बताया कि मंगलवार सुबह 10 बजे गंडक बैराज से 1,04,400 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और प्रवृत्ति स्थिर रही। इस वर्ष सर्वाधिक 2,24,000 क्यूसेक जल निकासी 14 जुलाई को दर्ज की गई थी। कोसी बैराज से सुबह 10 बजे 1,69,985 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और इसमें गिरावट का रुख देखा गया। इस वर्ष इसका उच्चतम प्रवाह 20 जुलाई को 2,55,425 क्यूसेक था।

एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमों को तैनात किया गया

इंद्रपुरी बैराज से सुबह 10 बजे 1,04,758 क्यूसेक पानी छोड़ा गया और यहां भी प्रवाह घट रहा है। इस वर्ष यहां सर्वाधिक 5,63,654 क्यूसेक जल निकासी दो सितंबर को दर्ज की गई थी। संभावित बाढ़ की स्थिति तथा त्वरित राहत एवं बचाव अभियान को देखते हुए राज्य के विभिन्न जिलों में एसडीआरएफ की 27 और एनडीआरएफ की 10 टीमों को तैनात किया गया है।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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