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Mizoram Foundation Day: क्या है मिजोरम के नाम का असली मतलब? स्थापना दिवस पर जानें राज्य के अनकहे सच

Mizoram Foundation Day 2026: 20 फरवरी को हर साल मिजोरम स्थापना दिवस मनाया जाता है। केंद्र शासित प्रदेश से पूर्ण राज्य बनने का सफर तय करने वाले मिजोरम के बारे में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों का जानना आवश्यक है। आइए जानें मिजोरम के 10 अनोखे फैक्ट्स।

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मिजोरम 39वां स्थापना दिवस

Mizoram Foundation Day 2026: केंद्र शासित प्रदेश से पूर्ण राज्य बनने का सफर तय करने वाले मिजोरम 39 साल का होने वाला है। 20 फरवरी को अपने स्थापना दिवस के साथ इस राज्य को 40 वर्ष पूरे हो जाएंगे। पांचवें स्थान पर क्षेत्रफल के आधार पर देश का सबसे छोटा राज्य भारतीय संघ का 23 वां राज्य है। सेवन सिस्टर में शामिल पहाड़ी राज्य मिजोरम अपनी प्राकृतिक सुंदरता, परंपरा, जनजाति और वादियों के लिए जाना जाता है। नॉर्थ ईस्ट का यह राज्य शांति से भरा राज्य है, जिसका नाम तो सब जानते हैं लेकिन राज्य के बारे में अधिकांश लोगों को अधिक नहीं पता है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए इस महत्वपूर्ण राज्य और इसके इतिहास के बारे में पता होना आवश्यक है। आइए मिजोरम स्थापना दिवस 2026 पर आपको इस राज्य से संबंधित कुछ अनकही बातें बताते हैं।

मिजोरम का नाम का अर्थ

बता दें कि मिजोरम के नाम का अर्थ पहाड़ी लोगों की भूमि होता है। अब आप सोच रहे होंगे कैसे। 'मि' का अर्थ लोग से हैं। 'जो' का अर्थ पहाड़ियों से है। और 'रम' का अर्थ भूमि से है। उस प्रकार यह पहाड़ी लोगों की भूमि बनता है।

मिजोरम का पुराना नाम क्या था?

मिजोरम का पुराना नाम लुशाई हिल्स था। लेकिन स्वतंत्रता के बाद 1954 में सरकार ने एक अधिनियम पारित किया, जिसके आधार पर इसका नाम मिजो हिल्स किया गया। 1972 में सरकार ने इसे केंद्र शासित प्रदेश बनाया और इसका नाम मिजोरम रखा गया है।

कब मिला मिजोरम को पूर्ण राज्य का दर्जा

असम से अलग होकर 20 फरवरी 1987 में मिजोरम को एक पूर्ण राज्य का दर्जा मिला। बता दें कि उस दौरान असम से अरुणाचल प्रदेश भी अलग हुआ था। इसलिए अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम दोनों का ही स्थापना दिवस एक दिन पड़ता है।

दूसरा सबसे कम आबादी वाला राज्य

भारत में सबसे अधिक आबादी वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश का नाम आता है। और सबसे कम आबादी वाले राज्यों की लिस्ट में सिक्किम का नाम शामिल है। लेकिन सिक्किम के बाद मिजोरम दूसरा सबसे कम आबादी वाला राज्य है। 22 में मिजोरम की जनसंख्या 13 लाख होने का अनुमान लगाया है।

मिजोरम में जनजातियों की संख्या सबसे अधिक

बता दें कि भारत में जनजातियों की सबसे अधिक संख्या मिजोरम में रहती है। मिजोरम में रहने वाली जनजातियों को भारतीय संविधान में अनुसूचित जनजाति के रूप में संरक्षित किया गया है। ऐसा इसलिए है कि क्योंकि यहां की मुख्य जनजाति मिजो है।

अत्यधिक साक्षर कृषि अर्थव्यवस्था

मिजोरम उन राज्यों में से एक है जहां अत्यधिक साक्षर कृषि अर्थव्यवस्था है। साक्षरता की बात करें को राज्य में साक्षरता दर 91.58 प्रतिशत है। जो राष्ट्रीय औसत 74.04 प्रतिशत से अधिक है। हालांकि यहां कि 20 फीसदी आबादी गरीबी रेखा के नीचे रहती है।

मिजोरम का राज्य फूल कौन सा है?

बता दें कि मिजोरम का राज्य फूल लाल वाड़ा है, जिसे आर्केड भी कहा जाता है। इसका राज्य पशु सेरो' (Serow) या हिमालयन सेरो (Himalayan Serow) है और राज्य पक्षी ह्यूम का तीतर है।

मिजोरम आकर वापस चली जाती है यहां की सबसे बड़ी नदी

मिजोरम की सबसे बड़ी नदी यहां आती है और यहां से ही वापस चली जाती है। जी हां, सुनकर हैरानी तो हुई होगी ही। लेकिन यह सच है। राज्य की सबसे बड़ी नदी 'छिमतुईपुई' है। यह म्यांमार से निकलकर मिजोरम आती है और यहां से वापस धूमकर म्यांमार चली जाती है।

8 फीसदी परती भूमि में 2 फीसदी बंजर जमीन

बता दें कि मिजोरम राज्य का करीब 76 फीसदी हिस्सा जंगल का है। इसमें 8 फीसदी परती जमीन है और 3 फीसदी जमीन बंजर है। इसके अलावा बची हुई सारी जमीन खेती के लिए अच्छी मानी जाती है। यहां वन क्षेत्र 84.53 फीसदी है।

कितना है मिजोरम का क्षेत्रफल

मिजोरम का क्षेत्रफल 21,081 km² है। राज्य पहाड़ियों, घाटियों, नदियों और झीलों से भरा हुआ है। यहां 21 प्रमुख पहाड़ियां है और मैदान यहां वहां बिखरे हुए नजर आते हैं।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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