आईआईटी दिल्ली इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की लिस्ट में सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले संस्थान है। इसकी स्थापना 1961 में हुई थी और यहां इंजीनियरिंग, साइंस और मैनेजमेंट जैसे विभिन्न कोर्स में शिक्षा प्रदान की जाती है।
अधिकांश लोगों को लगता है कि आईआईटी दिल्ली में केवल अंडरग्रेजुएट कोर्स हैं, लेकिन आपको बता दें कि यहां पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स और डॉक्टोरल कोर्स में भी एडमिशन लिया जा सकता है।
आईआईटी दिल्ली न केवल क्वालिटी एजुकेशन के लिए बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर, मॉडर्न रिसर्च, इंडस्ट्री कोलैबोरेशन के लिए जाना जाता है। लेकिन इस सब में सबसे ऊपर जो इस संस्थान की पहचान है वह यहां का हाई प्लेसमेंट रिकॉर्ड। आज के इस समय में क्वालिटी एजुकेशन के साथ अगर छात्रों को अच्छी लाखों की सैलरी वाली नौकरी प्लेसमेंट के माध्यम से मिल जाए तो लाइफ सेट सी महसूस होती है। और यह अनुभव आईआईटी दिल्ली में मिलता है।
नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क यानी NIRF 2025 में IIT Delhi ने इंजीनियरिंग कैटेगरी में दूसरी रैंक हासिल की है। जबकि ओवरऑल की कैटेगरी में इस संस्थान ने चौथी रैंक प्राप्त की है।
आईआईटी दिल्ली में इंजीनियरिंग क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के बीटेक प्रोग्राम है। इन प्रोग्राम के आधार पर सीटें डिवाइड की जाती है। JoSAA एडमिशन के डाटा के अनुसार बात करें तो आईआईटी दिल्ली के बीटेक प्रोग्राम में 1083 सीटें हैं। जबकि ओवरऑल सीटों की संख्या 1239 है।
आईआईटी दिल्ली में 22 कोर्स है, जिसमें केमिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग इन फिजिक्स, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग जैसे विभिन्न कोर्स शामिल हैं।
आईआईटी दिल्ली में एडमिशन लेने वाले छात्रों का JEE परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। इंस्टीट्यूट में JEE मेंस पास करना जरूरी है, तभी वह JEE Advanced के लिए एलिजिबल होगा। इस परीक्षा को पास करने के बाद जिन उम्मीदवारों की रैंक 100-200 के भीतर होती है वह JoSAA काउंसलिंग में के माध्यम से आईआईटी दिल्ली में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं।