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UPSC IAS Success Story: गांव के इस लड़के ने कभी बेचे अंडे तो कभी साफ की फर्श, दृढ़ निश्चय के बलबूत बना चौथी कोशिश में आईएएस

  • Authored by: नीलाक्ष सिंह
  • Updated Mar 1, 2024, 12:48 PM IST

IAS Manoj Kumar Rai Success Story: फर्श से अर्श तक, यह कहावत सच साबित की मनोज कुमार राय ने, जिन्होंने कभी फर्श की सफाई की लेकिन तगड़ी मेहनत के बलबूते चौथी कोशिश में आईएएस बनने का सपना पूरा किया।

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यूपीएससी आईएएस सफलता की कहानी

IAS Manoj Kumar Rai Success Inspirational Motivational Story in Hindi: फर्श से अर्श तक, यह कहावत तो आपने बहुत सुनी है, आज इस जीवित होते हुए भी देखिए। मिलिए गांव के उस लड़के से जिसने कभी अंडे बेचे, फर्श साफ किया और न जानें स्ट्रगल से भरे कितने दिन देखें लेकिन मजाल है उनके दृढ़ निश्चय को कोई बाधा हिला तक पाई हो। आज बात कर रहे हैं मनोज कुमार राय की, जिन्होंने चौथे प्रयास में यूपीएससी पास कर आईएएस बनने का सपना पूरा किया।

मनोज कुमार राय आज आईएएस हैं, लेकिन यहां तक आने के लिए इन्होंने प्रतिकूल परिस्थितियां और असफलताएं को पीछे घकेला जबकि जुनून और दृढ़ता को आगे रखा, और सभी बाधाओं को पार किया।

संघर्ष की कहानी - Manoj Kumar Rai Success Story

मैदान में टिके रहने के लिए लोग क्या कुछ नहीं करते, इसलिए मनोज कुमार राय ने प्रतियोगिता में बने रहने के लिए अंडे तक बेचे तो कभी फर्श साफ की, और आज अपने अंधकारमय जीवन को चमकदार बना दिया।

कभी बेचे अंडे तो कभी सब्जियां - Manoj Kumar Rai Motivational Story

मनोज कुमार राय बिहार के छोटे से गांव सुपौल से हैं, गरीबी इतनी कि शिक्षा पूरी कर लेना ही कठिन था, ऐसे में IAS जैसी परीक्षा क्रैक करना तो सपना पूरा होने से भी बड़ी बात हो गई। जैसे तैसे पढ़ाई पूरी कर लेने के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर करने का लक्ष्य लेकर दिल्ली आ गए। यही से शुरू हुई आईएएस बनने की कहानी। कभी बेचे अंडे, कभी सब्जियां तो कभी छोटे मोटे काम, जिससे कुछ बहुत काम में आ गए।

कभी बने डिलीवरी मैन - Manoj Kumar Rai Inspirational Story

शिक्षा में अविचल का इरादा हो तो कोई बाधा बाधा नहीं रह जाती है। पैसे के जुगाड़ के लिए वे डिलीवरी मैन बन गए। उन्होंने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में वस्तुओं की आपूर्ति भी की, तभी उनकी मुलाकात वहां कई ऐसे छात्रों से हुई जिन्होंने UPSC Exam के बारे में जानकारी दी। यही वो पल था जहां से उनके अंदर जुनून पैदा हुआ। फिर उन्होंने डीयू से ही ग्रेजुएशन किया और सिविल सर्विसेज की तैयारी भी शुरू कर दी।

हर असफलता का स्वाद चखने के साथ मनोज कुमार राय ने अपनी तैयारी में सुधार किया जिससे अंततः उन्हें अपने चौथे प्रयास में सफलता मिली।

नीलाक्ष सिंह
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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