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दिल्ली ब्लास्ट केस: आरोपियों को नहीं मिली रियायत, पटियाला हाउस कोर्ट ने NIA कस्टडी 4 दिन बढ़ाई

पटियाला हाउस अदालत ने सोमवार को तीन डॉक्टरों और एक कट्टरपंथी की एनआईए रिमांड को चार दिन के लिए बढ़ा दिया। ये चारों आरोपी 10 नवंबर को हुए लाल किला धमाकों के मामले में गिरफ्तार किए गए थे। डॉ. मुजम्मिल , अदील , डॉ. शाहीन सईद और इरफान अहमद को उनकी 10 दिन की एनआईए रिमांड 29 नवंबर को समाप्त होने पर अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद रिमांड अवधि बढ़ाने का आदेश दिया गया।

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दिल्ली धमाका मामले में चारों आरोपियों की बढ़ी कस्टडी (चित्र साभार: PTI)

Photo : PTI

Delhi Blast Case Update: दिल्ली में हुए ब्लास्ट मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इसी सिलसिले में पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को गिरफ्तार चार आरोपियों की NIA कस्टडी 4 दिन और बढ़ा दी है। इन आरोपियों में डॉ. मुजम्मिल, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद और आदिल अहमद के नाम शामिल हैं। इन आरोपियों को 10 दिन की पिछली कस्टडी पूरी होने के बाद अदालत में पेश किया गया था। अब एजेंसी को उनसे आगे की पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है।

NIA ने की थी हिरासत मांग

इससे पहले 5 दिसंबर को अदालत ने एक अन्य आरोपी शोएब की NIA कस्टडी 10 दिन और बढ़ाने की मंजूरी दी थी। एजेंसी का आरोप है कि शोएब ने धमाके से ठीक पहले आतंकवादी उमर नबी को पनाह दी थी और उसे लॉजिस्टिक सपोर्ट प्रदान किया था। NIA का कहना है कि शोएब की भूमिका साजिश के महत्वपूर्ण हिस्से को समझने में बेहद अहम है। 2 दिसंबर को NIA ने इस केस के मुख्य आरोपी आमिर रशीद अली की कस्टडी 7 दिन और बढ़ा दी थी। आमिर को 16 नवंबर को गिरफ्तार किया गया था और एजेंसी को पहले उसकी 10 दिन की रिमांड मिली थी। शुरुआती पूछताछ के दौरान NIA को कई अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर हिरासत बढ़ाने की मांग की गई।

जांच में क्या सामने आया

जांच में यह सामने आया कि धमाके में इस्तेमाल की गई कार का मालिक खुद आमिर था। एजेंसी के अनुसार, उसने न सिर्फ आत्मघाती हमलावर के साथ साजिश रची बल्कि हमले की तैयारियों में भी सक्रिय भूमिका निभाई। दिल्ली पुलिस से केस अपने हाथ में लेने के बाद NIA ने कई राज्यों में छापेमारी की, जिसके बाद आमिर को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। NIA इस पूरे मॉड्यूल को तोड़ने के लिए लगातार कई राज्यों में छापेमारी कर रही है। एजेंसी का लक्ष्य इस नेटवर्क से जुड़े हर सदस्य की पहचान करना और उसे गिरफ्तार करना है। जांचकर्ता सभी संभावित सुरागों को इकट्ठा कर यह समझने की कोशिश में हैं कि हमला कैसे प्लान किया गया और किन-किन लोगों की इसमें भूमिका रही।

इनपुट-आईएएनएस

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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