कोविड से निपटने को तैयार दिल्‍ली सरकार, ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए किए ये इंतजाम

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 30, 2021, 02:42 PM IST

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों और ओमिक्रोन को लेकर चिंताओं के बीच दिल्‍ली सरकार ने आश्‍वस्‍त किया है कि इसे लेकर घबराने की कोई आवश्‍यकता नहीं है। सरकर ने यह भी बताया कि उसने आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है।

कोविड से निपटने को तैयार दिल्‍ली सरकार, ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए किए ये इंतजाम
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नई दिल्‍ली : राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में अचानक उछाल के बीच सरकार ने स्‍पष्‍ट किया है कि यहां किसी भी आपात स्थिति से निपटने के पूरे इंतजाम हैं। बेड व ऑक्सीजन जैसी जरूरतें पूरी कर ली गई है। सरकार की योजना दिल्‍ली में लगभग 65 हजार और बेड्स तैयार करने की भी है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, डॉक्‍टर्स और नर्स को प्रशिक्षण भी दिया गया है।

दिल्ली में 65 हजार बेड्स की तैयारी

केजरीवाल सरकार की तैयारी दिल्‍ली में 64-65 हजार बेड्स तैयार करने की है। केजरीवाल सरकार ने 30 हजार ऑक्सीजन बेड्स पहले ही तैयार कर लिए हैं, जिनमें 10 हजार आईसीयू बेड हैं। इसके अलावा केजरीवाल सरकार फरवरी तक 6800 आईसीयू बेड तैयार कर लेगी। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर दो हफ्ते की नोटिस पर दिल्ली के हर वार्ड में 100-100 ऑक्सीजन बेड तैयार कर लिए जाएंगे। इसके अलावा 32 किस्म की दवाइयों के दो महीने के लिए बफर स्टॉक का ऑर्डर दिया जा चुका है, ताकि दवाइयों की कमी न पड़े।

डॉक्टर्स, नर्सेज को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

कोरोना की संभावित लहर के मद्देनजर मैन पावर की कमी न हो, इसके लिए केजरीवाल सरकार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ मेडिकल स्टूडेंट्स, नर्सेज और पैरामेडिकल स्टाफ को कोविड प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया है। केजरीवाल सरकार ने कुल 15370 डॉक्टर, नर्सेज, मेडिकल स्टूडेंट्स और पैरामेडिक्स को प्रशिक्षण दिया है, जिसमें 4673 डॉक्टर, 1707 मेडिकल छात्र, 6265 नर्स और 2726 पैरामेडिक्स शामिल हैं। इन्हें ऑक्सीजन थेरेपी, कोविड प्रबंधन, पीडियाट्रिक वार्ड कोविड प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया है।

पांच हजार हेल्थ असिस्टेंट भी तैयार

केजरीवाल सरकार ने कोरोना की संभावित लहर को ध्यान में रखते हुए पांच हजार हेल्थ असिस्टेंट तैयार किए हैं। जरूरत पड़ने पर सरकार इन हेल्थ असिस्टेंट की भी मदद ले सकेगी। हेल्थ असिस्टेंट को नर्सिंग, पैरामेडिक्स, होम केयर, ब्लड प्रेशर मापने, वैक्सीन लगाने समेत अन्य बेसिक ट्रेनिंग दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर हेल्थ असिस्टेंट, डॉक्टर और नर्स के असिस्टेंट के रूप में काम करेंगे और खुद से कोई निर्णय नहीं लेंगे। इनकी मदद लेकर डॉक्टर अधिक कुशलता पूर्वक काम कर पाएंगे और मरीजों की देखभाल भी काफी अच्छे से हो सकेगी।

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