क्राइम

कहां रची गई थी बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश, किसने दी थी शूटरों को उनकी तस्वीर? चल गया पता

बाबा सिद्दीकी की हत्या शनिवार को तब की गई थी, जब वो अपने बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के पास थे। पहले से ही घात लगाए तीन शूटरों ने बाबा सिद्दीकी की हत्या कर दी थी।

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बाबा सिद्दीकी को किसने मारा

KEY HIGHLIGHTS
  • पुणे में बाबा सिद्दीकी की हत्या की रची गई थी साजिश
  • तीन शूटर आए थे बाबा सिद्दीकी को मारने
  • साथ मे ंस्प्रे लेकर आए थे शूटर

बाबा सिद्दीकी की हत्या किसने की, किसने बाबा सिद्दीकी को मारने की सुपारी दी, किसने शूटरों को बाबा सिद्दीकी की फोटो और बाबा सिद्दीकी की हत्या साजिश कहां रची गई, इसका खुलासा हो गया है। मुंबई पुलिस ने इन सब सवालों के जवाब दे दिए हैं। मुंबई पुलिस ने दावा किया है कि पुणे में बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश रची गई थी और वहीं शूटरों को बाबा सिद्दीकी की फोटो भी दी गई थी।

दो भाईयों की साजिश

मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने 66 वर्षीय नेता की शनिवार रात हुई हत्या की जांच के दौरान साजिश में पुणे के प्रवीण लोणकर और उसके भाई शुभम लोणकर की कथित भूमिका का खुलासा किया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हत्या के पीछे का मकसद पता चल सकेगा।’’

किसने बाबा सिद्दीकी को मारने के लिए बुलाए शूटर

पुलिस ने लोणकर बंधुओं को इस अपराध में मुख्य आरोपी के रूप में पहचान की है। कथित तौर पर दोनों ने शूटरों को वित्तीय मदद दी, साजोसामान देने के साथ-साथ हमले के लिए बैठक करने की व्यवस्था की। प्रवीण, शुभम के स्वामित्व वाली एक डेयरी में काम करता था। डेयरी में ही उन्होंने शूटर शिवकुमार गौतम और धर्मराज कश्यप की भर्ती की। अधिकारियों ने बताया कि साजिश को कई बैठकों के बाद अंतिम रूप दिया गया। उन्होंने कहा कि योजना के सफल क्रियान्वयन पर भारी भरकम भुगतान का वादा किया गया और शूटरों को 50,000 रुपये की अग्रिम राशि दी गई थी। उन्होंने बताया कि हमलावरों ने सिद्दीकी की दिनचर्या और उसके आवास की टोह लेने के लिए मोटरसाइकिल खरीदी।

शूटरों को किसने किया तैयार

उन्होंने बताया कि प्रवीण लोणकर पर सिद्दीकी को निशाना बनाने के लिए दो शूटरों को तैयार करने का आरोप है और पुलिस ने उसकी ‘‘सह-साजिशकर्ता’’ के तौर पर पहचान की है। पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमें हरियाणा निवासी गुरमेल बलजीत सिंह (23) और उत्तर प्रदेश निवासी धर्मराज राजेश कश्यप (19) शामिल है जबकि तीसरा व्यक्ति प्रवीण लोणकर है। पुलिस ने संदिग्ध ‘‘हैंडलर’’ मोहम्मद यासीन अख्तर और गौतम की तलाश तेज कर दी है।

तीन महीने से चल रहा था प्लान!

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में पता चला कि गौतम ने ही उत्तर प्रदेश निवासी कश्यप को तीन महीने पहले पुणे में अपने साथ काम करने के लिए बुलाया था। उन्होंने बताया कि इसके बाद गौतम सितंबर 2023 में मुंबई के कुर्ला में विनोबा भावे नगर इलाके में किराए पर रहने लगा। उसने सिंह को भी साजिश में शामिल किया। अधिकारी ने बताया कि तीनों हमलावरों- सिंह, कश्यप और गौतम को 50-50 हजार रुपये की पेशगी दी थी। अधिकारी ने बताया कि शनिवार रात को सिद्दीकी की हत्या करने तक तीनों हमलावर अपने आकाओं के निरंतर संपर्क में थे।

गौतम ने मारी सिद्दीकी को गोली

उन्होंने बताया कि गौतम ने सिद्दीकी पर गोलीबारी शुरू की जबकि कश्यप और सिंह उसके पीछे खड़े थे। कश्यप के पास कुछ स्प्रे था, जिसे उसने सिद्दीकी पर गोली लगने के बाद छिड़क दिया। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया, शुभम लोणकर ने फेसबुक पर पोस्ट कर हमले के लिए लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को जिम्मेदार बताया था। यह पोस्ट अब हटा दी गई है, लेकिन स्क्रीनशॉट व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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