क्राइम

iPhone और रील्स बनाने का ऐसा था चस्का कि पैरेंट्स ने ही आठ माह के बच्चे को बेचा, यूं पकड़ी गई 'काली करतूत'

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Jul 27, 2023, 11:04 PM IST

West Bengal Latest News: इतना ही नहीं, आठ महीने के इस बच्चे को बेचने से पहले पिता ने अपनी सात साल की बिटिया को भी बेचने की कोशिश की थी।जानकारी पर पुलिस ने आरोपी दंपति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया और जिसने महिला ने उनके आठ महीने के मासूम को खरीदा था, उसके खिलाफ भी हम्यून ट्रैफिकिंग के तहत आरोप तय हुए हैं।

Image

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

Photo : iStock

West Bengal Latest News: ऐप्पल आईफोन के शौक और रील्स बनाने के चस्के के आगे एक दंपति यह ही भूल गया कि संतान क्या होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने सिर्फ रुपयों के लिए अपने आठ महीने के मासूम बच्चे को बेच दिया। बच्चे के बदले मिलने वाली रकम से उन्होंने आईफोन 14 खरीदा और वह इस स्मार्टफोन से वीडियो बनाना कर शोहरत हासिल करना चाहते थे।

यह हैरान कर देने वाला मामला पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले का है। पूरी घटना का खुलासा तब हुआ जब पड़ोसियों को घोष परिवार के बर्ताव में अचानक से बदलाव देखने को मिले थे। चूंकि, उनका आठ महीने का बच्चा कुछ दिनों से लापता था। फिर भी पैरेंट्स उसे लेकर बिल्कुल भी हैरान-परेशान नहीं थे।

ऊपर से उन्होंने आईफोन 14 खरीद लिया, जिसका बेस मॉडल (128 जीबी) फिलहाल 80 हजार रुपए का है। ऐसे में अगल-बगल रहने वालों को संदेह हुआ कि कुछ दिन पहले तो वह आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहे थे, जबकि अब एकदम से उनके पास इतने पैसे आ गए कि वे आईफोन ले आए।

घर में मां ने जब दंपति पर दबाव बनाया तब उन्होंने कबूला कि उन्होंने बच्चे को आईफोन खरीदने के लिए बेच दिया, ताकि वह इंस्टाग्राम पर रील्स बना सकें और सोशल मीडिया मंच पर लोगों को बंगाल के विभिन्न हिस्से दिखा सकें। इतना ही नहीं, आठ महीने के इस बच्चे को बेचने से पहले पिता ने अपनी सात साल की बिटिया को भी बेचने की कोशिश की थी।

जानकारी पर पुलिस ने आरोपी दंपति के खिलाफ केस दर्ज कर लिया और जिसने महिला ने उनके आठ महीने के मासूम को खरीदा था, उसके खिलाफ भी हम्यून ट्रैफिकिंग के तहत आरोप तय हुए हैं। पुलिस ने "साथी" नाम की महिला को पकड़ लिया है, जबकि उसके पति और बच्चे का पिता जयदेव घोष फिलहाल फरार है। पुलिस इस मामले की तहकीकात के साथ उसकी तलाश में भी जुटी है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

और पढ़ें
End of Article