अभी तक लोन ऐप के सहारे चीनी नागरिक भारतीयों को लूट रहे थे, अब एक दूसरी तरह के घोटाले का पता चला है। अब निवेश के नाम पर भी चीनी, हिंदुस्तानियों को लूटने में लगे हैं। ऐसे ही एक मामले का खुलासा हैदराबाद पुलिस ने किया है।
क्या है खेल
हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने बुधवार को हवाला घोटाला चलाने वाले दस आरोपियों को दिल्ली और मुंबई से गिरफ्तार किया। हैदराबाद पुलिस से एक शख्स ने शिकायत की थी कि LOXAM नाम के ऐप में निवेश करने के बाद उससे 1.6 लाख रुपये की ठगी की गई है। जांच में पुलिस ने पाया कि शिकायतकर्ता के पैसे इंडसइंड बैंक के बैंक खाते में Xindai Technologies Pvt Ltd के नाम से जमा किए गए थे। यह बैंक खाता आरोपी वीरेंद्र सिंह ने खोला था, जिसने खुलासा किया कि उसने एक चीनी नागरिक जैक के आदेश पर ये बैंक खाता खोला था। वहीं संजय नाम के शख्स ने ताइवान के नागरिक चू चुन-यू द्वारा संचालित 15 अन्य बैंक खाते खोले थे। इन्हीं खातों के जरिए हेरफेर की जा रही थी।
क्या बताया पुलिस ने
हैदराबाद के पुलिस आयुक्त सी.वी. आनंद ने एक प्रेस कांफ्रेंस में इस गैंग का पर्दाफाश किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा विदेशी मुद्रा में सौदा करने के लिए लाइसेंस प्राप्त मनी चेंजर कंपनी घोटाले में शामिल थी। उन्हें विदेश यात्रा करने वालों को विदेशी मुद्रा प्रदान करने का लाइसेंस दिया गया था, लेकिन उन्हें फेमा का उल्लंघन करते पाया गया। आनंद ने कहा- "जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि हवाला के जरिए 903 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है।"
घोटाले के पीछे चीनी दिमाग
दिल्ली और मुंबई से हवाला घोटाला चलाने के आरोप में चीनी नागरिक लेक उर्फ ली झोंगजुन और ताइवान के नागरिक चू चुन-यू को आठ अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में साहिल बजाज, सनी उर्फ पंकज, वीरेंद्र सिंह, संजय यादव, नवनीत कौशिक, मोहम्मद परवेज, सैयद सुल्तान और मिर्जा नदीम बेग हैं। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली के रहने वाले कौशिक ने पिछले साल दो मनी एक्सचेंज-रंजन मनी कॉर्प प्राइवेट लिमिटेड और केडीएस फॉरेक्स प्राइवेट लिमिटेड के लिए आरबीआई लाइसेंस हासिल किया था। पुलिस जांच में पता चला कि रंजन मनी के खाते में सात महीने की अवधि में 441 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। अन्य 462 करोड़ रुपये का लेनदेन केडीएस फॉरेक्स द्वारा किया गया।
