आखिकार 1 लाख के इनामी बदमाश जफर को यूपी पुलिस ने एनकाउंटर के बाद पकड़ लिया। उसके पैर में गोली लगी है और वो अस्पताल में भर्ती है। लेकिन इसके पीछे की एक कहानी और जिसकी वजह से ना सिर्फ यूपी पुलिस की किरकिरी हुई, बल्कि एक शख्स की पत्नी अब इस दुनिया में नहीं है। उत्तराखंड में काशीपुर के भरतपुर गांव में गुरताज भुल्लर रहते हैं। तीन दिन पहले मुरादाबाद की ठाकुरद्वारा थाने को जानकारी मिली कि जफर भरतपुर गांव में है। पुलिस पार्टी उस गांव पहुंचती है, घेरेबंदी के क्रम में गोलीबारी होती है। लेकिन जफर वहां से फरार होने में कामयाब हो जाता है। हालांकि एनकाउंटर की कीमत गुरताज भुल्लर की पत्नी को चुकानी पड़ती है जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। इस घटना के बाद यूपी पुलिस महकमे में हड़कंप मचता है और डीआईजी मुरादाबाद से सवाल जवाब भी होता है।
मुझे सिर्फ इंसाफ चाहिए
मुझे इंसाफ चाहिए। मैं सरकार से सीबीआई जांच की अपील करता हूं। दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है। अगर मेरी गलती है तो मुझे दंडित किया जाना चाहिए लेकिन निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जी सिंह, जिनकी पत्नी को दो दिन पहले भरतपुर में में यूपी पुलिस की एक टीम ने छापेमारी के दौरान गोली मार दी थी। गुरताज सिंह का कहना था कि आखिर उनकी पत्नी का क्या कसूर था। पुलिस की नादानी की वजह से उनता हंसता खेलता परिवार उजड़ गया। वो सिर्फ न्याय चाहते हैं, जो लोग दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
एनकाउंटर में जख्मी जफर
अखिलेश भदौरिया, एसपी (शहर), मुरादाबादमुरादाबाद पुलिस ने मुठभेड़ के बाद जफर नाम के एक अपराधी को गिरफ्तार किया हैउस पर एक लाख रुपये का इनाम था। वह उत्तराखंड के उधम सिंह नगर के भरतपुर से भाग गया (जहां कुछ दिन पहले यूपी पुलिस उसे गिरफ्तार करने गई थी)। भरतपुर में जिस तरह से एनकाउंटर को अंजाम दिया गया उसे लेकर कई तरह के सवाल उठ खड़े हुए। सवाल यह था कि आखिर पुलिस लोगों से क्यों उलझ गई थी। बता दें कि पुलिस टीम और लोगों में झड़प हुई थी जिसमें करीब पांच पुलिसकर्मी घायल भी हो गए थे।
