क्राइम

प्रज्वल रेवन्ना के भारत आते ही होने लगा हिसाब, अदालत से लगा झटका; SIT के सवालों का देना होगा जवाब

Prajwal Revanna Case: महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे प्रज्वल रेवन्ना को जर्मनी से भारत पहुंचने के तुरंत बाद, मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बृहस्पतिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद शुक्रवार को उन्हें अदालत ने छह जून तक एसआईटी की हिरासत में भेज दिया है।

Image

प्रज्वल रेवन्ना को छह जून तक एसआईटी की हिरासत।

Photo : Times Now Digital

Bengaluru News: जर्मनी से भारत आते ही प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ कार्रवाई तेज हो चुकी है। महिलाओं के यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) के निलंबित नेता प्रज्वल रेवन्ना को यहां पहुंचने के तुरंत बाद, मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बृहस्पतिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया था। अब अदालत ने प्रज्वल के खिलाफ कार्रवाई की है।

प्रज्वल को छह जून तक एसआईटी की हिरासत

जद (एस) के निलंबित सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बेंगलुरु की अदालत ने छह जून तक एसआईटी की हिरासत में भेज दिया है। जनता दल (सेक्युलर) के संरक्षक एच. डी. देवेगौड़ा के पोते और हासन लोकसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार प्रज्वल (33) पर महिलाओं का यौन शोषण करने का आरोप है। उनके खिलाफ अभी तक यौन उत्पीड़न के तीन मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। हासन से सांसद प्रज्वल लोकसभा चुनाव के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र में हुए मतदान के एक दिन बाद 27 अप्रैल को जर्मनी चले गए थे।

बेंगलुरु पहुंचते ही एसआईटी ने कर लिया गिरफ्तार

प्रज्वल रेवन्ना बृहस्पतिवार देर रात जब विमान से बेंगलुरु हवाई अड्डे पर उतरे, तो वहां मौजूद महिला आईपीएस (भारतीय पुलिस सेवा) अधिकारियों के नेतृत्व वाला महिला पुलिसकर्मियों का एक दल उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट की तामील करने के लिए उनका इंतजार कर रहा था। रेवन्ना को जर्मनी से यहां पहुंचने के तुरंत बाद, एसआईटी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और उनसे पूछताछ की।

आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी- जी. परमेश्वर

कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने शुक्रवार को कहा कि महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे प्रज्वल रेवन्ना को प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार किया गया और आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी। इस बीच, प्रज्वल रेवन्ना के वकील ने शुक्रवार को कहा कि सांसद प्रज्वल उनके खिलाफ जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) का पूरा सहयोग कर रहे हैं और उन्होंने इस मामले में ‘मीडिया ट्रायल’ नहीं किए जाने का अनुरोध किया है। हालांकि उन्हें झटका लग गया और उन्हें 6 जून तक एसआईटी की हिरासत में भेज दिया गया।

29 मई को प्रज्वल ने दायर की थी अग्रिम जमानत

प्रज्वल ने अदालत में 29 मई को अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसने 31 मई को सुनवाई की तारीख तय की थी और एसआईटी को आपत्तियां दर्ज करने के लिए नोटिस जारी किया था। हासन के ‘होलेनरसीपुरा टाउन’ पुलिस थाने में 28 अप्रैल को प्रज्वल के खिलाफ दर्ज पहले मामले में उन पर 47 वर्षीय पूर्व घरेलू सहायिका का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। उन्हें आरोपी नंबर दो के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, जबकि उनके पिता और होलेनरसीपुरा से विधायक एच डी रेवन्ना को आरोपी नंबर एक बनाया गया है।

कांग्रेस के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने केंद्र से उनका राजनयिक पासपोर्ट रद्द करने का आग्रह किया है। विदेश मंत्रालय ने इससे पहले प्रज्वल रेवन्ना को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा था कि उनके खिलाफ यौन शोषण के आरोपों के मद्देनजर कर्नाटक सरकार द्वारा की गई मांग के अनुसार उनका राजनयिक पासपोर्ट क्यों न रद्द कर दिया जाए।

(इनपुट- एजेंसी)

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article