क्राइम

तिहाड़ जेल से पैरोल पर निकला सीरियल किलर सोहराब फरार, तलाश में जुटी पुलिस

पैरोल पर निकला कुख्यात सीरियल किलर सोहराब फरार हो गया है। सोहराब को लखनऊ में अपनी पत्नी से मिलने की अनुमति दी गई थी। लेकिन वहां से लौटने की बजाय वह गायब हो गया।

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कुख्यात गैंगस्टर सलीम सोहराब रुस्तम का छोटा भाई सोहराब फरार

देश की सबसे कड़ी सुरक्षा वाली जेलों में गिनी जाने वाली तिहाड़ जेल से तीन दिन की पैरोल पर रिहा किया गया सीरियल किलर सोहराब अब फरार हो गया है। उसे अपनी पत्नी से मिलने के बाद वापस जेल लौटना था, लेकिन तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी वह तिहाड़ नहीं पहुंचा। इस फरारी ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश की पुलिस एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।

यूपी STF को सौंपी गई जिम्मेदारी

फरारी की सूचना मिलते ही तिहाड़ जेल प्रशासन ने लखनऊ पुलिस को सतर्क किया और तत्काल उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को सोहराब की तलाश में लगाया गया है। जेल प्रशासन और पुलिस का मानना है कि वह लखनऊ या उसके आसपास के किसी इलाके में छिपा हो सकता है।

बदले की आग में बुझती जिंदगियां

सोहराब का आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक है। वह सिर्फ एक अपराधी नहीं, बल्कि ‘सीरियल रिवेंज किलर’ के रूप में कुख्यात रहा है।

  • 2005: रमज़ान की चांद रात पर भाई की हत्या
लखनऊ के हुसैनगंज इलाके में शहजादे नामक युवक की हत्या कर दी गई थी। वह सोहराब का सबसे छोटा भाई था।
  • 2006: ईद के दिन तीन हत्याएं
सलीम, सोहराब और रुस्तम — तीनों भाइयों ने मिलकर भाई की हत्या का बदला लिया।

हुसैनगंज, डालीगंज और मड़ियांव में जाकर तीनों ने तीनों आरोपियों को मौत के घाट उतार दिया।

सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि हत्या करने से पहले सोहराब ने लखनऊ के तत्कालीन SSP को फोन कर धमकी दी थी, “हम हत्या करने जा रहे हैं, रोक सको तो रोक लो।”

सोहराब के आपराधिक इतिहास की काली परतें

  • बसपा सरकार के दौरान स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सैफी हत्याकांड को सलीम और सोहराब ने अंजाम दिया।
  • समाजवादी पार्टी की सरकार में बीजेपी पार्षद पप्पू पांडे के शूटर सुनील शर्मा की हत्या भी सोहराब की योजना का हिस्सा थी।
  • संभल के पूर्व सांसद शफीक उर रहमान वर्क के नाती फैज की हत्या भी जेल के अंदर से करवाई गई थी।
  • इसका कारण बताया गया कि फैज का सोहराब की पूर्व पत्नी से अवैध संबंध था।

तलाश में जुटी पुलिस टीमें

सोहराब का फरार होना केवल एक कैदी की भगोड़ी कहानी नहीं, बल्कि यह राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों के लिए अलर्ट का संकेत है। सोहराब की पहुंच, नेटवर्क और हिंसा की प्रवृत्ति को देखते हुए किसी बड़ी वारदात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। पैरोल पर छूटने के बाद उसका अचानक लापता हो जाना, पूर्व नियोजित साजिश की ओर इशारा करता है। यूपी STF और लखनऊ पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगी हैं। तिहाड़ जेल प्रशासन से भी पैरोल की अनुमति, निगरानी व्यवस्था और ट्रैकिंग फेल्योर की जांच शुरू हो चुकी है। उसके संपर्कों, पुराने ठिकानों और रिश्तेदारों पर नजर रखी जा रही है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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