Pune Porsche Accident: पुणे के कल्याणी नगर इलाके में रविवार को सुपरस्पीड कार दुर्घटना में दो सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की मौत की जांच में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जिस पोर्शे टायकन को 17 साल का लड़का बेलगाम चला रहा था, वह मार्च से बिना पंजीकरण के शहर की सड़कों पर दौड़ रही थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, कार मालिक ने भारत में 1.61 करोड़ रुपये से 2.44 करोड़ रुपये के बीच इलेक्ट्रिक लक्जरी स्पोर्ट्स सेडान खरीदी थी, लेकिन क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) को पंजीकरण शुल्क का भुगतान नहीं किया था।
कार मालिक ने नहीं भरी फीस
पुणे क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी संजीव भोर ने टीओआई के हवाले से कहा, कार को बेंगलुरु में एक डीलर के माध्यम से बुक किया गया था, जिसने इस साल मार्च में मालिक को डिलीवरी करने से पहले एक अस्थायी पंजीकरण दिया था। इसे पंजीकृत कराना मालिक की जिम्मेदारी थी। कार पुणे आरटीओ आई और इसका निरीक्षण किया गया। हालांकि, मालिक ने पंजीकरण के लिए आवश्यक शुल्क का भुगतान नहीं किया। चूंकि शुल्क का भुगतान नहीं किया गया था, हम पंजीकरण संख्या प्रदान नहीं कर सके।
पुलिस ने पिता को किया गिरफ्तार
पुणे पुलिस ने हादसे को अंजाम देने वाले किशोर के पिता को गिरफ्तार कर लिया है, जो अपने खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद से फरार था। एक अधिकारी ने कहा कि उसे महाराष्ट्र के संभाजीनगर से गिरफ्तार किया गया। पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने कहा कि पुलिस ने घटना को गंभीरता से लिया है और आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) के तहत कार्रवाई की है। हमने इस मामले में दो आवेदन दायर किए हैं। हमने आरोपी के पिता के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 (बच्चे के प्रति क्रूरता के लिए सजा) और 77 (बच्चे को नशीली शराब या नशीली दवा देने के लिए जुर्माना) के तहत भी कार्रवाई की है।
मामूली शर्तों के साथ बेटा रिहा
बता दें कि दो लोगों को कुचलने के आरोपी लड़के को सड़क दुर्घटनाओं पर एक निबंध लिखने जैसी शर्तों के साथ जमानत पर रिहा कर दिया गया। किशोर न्याय बोर्ड के इस फैसले की कड़ी आलोचना हुई है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि एक करोड़पति रियल एस्टेट डेवलपर का बेटा दुर्घटना के समय नशे में था। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। लेकिन इस लड़के को किशोर न्याय बोर्ड से कुछ ही देर में जमानत मिल गई।
