क्राइम

Prayagraj: पत्नी को महाकुंभ स्नान कराने के बहाने लाया था पति, और कर दी हत्या; पुलिस ने किया खुलासा

Crime News: अपनी पत्नी के साथ महाकुंभ आया और संगम स्नान से पहले अपने मोबाइल से अपना और उसका वीडियो बनाया, उसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया ताकि सबको पता चले कि यह लोग कुंभ स्नान करने आए हैं। लेकिन उसने इस महाकुंभ की भीड़ में अपनी पत्नी के खोने की खबर फैला दी और वह दिल्ली चला गया।

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महाकुंभ में अपनी ही पत्नी को मार डाला। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Prayagraj Crime: महाकुंभ मे श्रद्धालु आकर संगम मे आस्था की डुबकी लगाने देश विदेश से आ रहे है, लेकिन इस महाकुंभ में स्नान के बहाने से लाकर कोई अपनी पत्नी की ही हत्या कर दे, ऐसा कोई सोच नहीं सकता। एक पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर फरार हो गया, लेकिन उसकी एक वीडियो ही उसको सलाखों के पीछे भेजने का कारण बना।

पति ने अपनी पत्नी को महाकुंभ में मार डाला

दिल्ली निवासी अशोक बाल्मीकि अपनी पत्नी मीनाक्षी को प्रयागराज मे लगे महाकुंभ मे स्नान कराने लाया था, पत्नी भी बड़ी खुश थी कि वो पति के साथ कुंभ स्नान करने जा रही है। आरोपी अशोक ने पत्नी और अपना महाकुंभ कि भीड़ में संगम किनारे मोबाइल से वीडियो भी बनाया और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड भी किया। रात हुई तो अशोक ने झूंसी इलाके में एक लॉज का कमरा बुक कराया और कहा कि सुबह स्नान करेंगे, लेकिन मीनाक्षी को क्या पता था कि उसके साथ क्या होने वाला है। पत्नी की हत्या के बाद आरोपी पति ने अपने घर वालों को सूचना दी कि उसकी पत्नी कुंभ मेले में कहीं खो गई है।

लॉज के बाथरूम में वारदात को दिया अंजाम

झूंसी इलाके में एक लॉज में पति अशोक ने पत्नी के साथ कमरा लिया था और महाकुंभ स्नान करने की बात कही थी, जिसमें कहा गया कि रात भर के लिए कमर चाहिए और सुबह स्नान के बाद चले जाएंगे। कमरा किराए पर देने के बाद लॉज मालिक धन्नी ने उन दोनों को 500 रुपये में कमरा दे दिया, लेकिन कोई आईडी जमा नहीं करवाई। इसके बाद अशोक कि हैवानियत जागी और रात मे बाथरूम में अपनी पत्नी कि धारदार हथियार से ह्त्या कर दी और कुछ सामान लेने के बाहने फरार हो गया। जब सुबह हुई तो लॉज में रहने वाले अन्य लोगों को बाथरूम में महिला की खून से लथपथ लाश देखी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन किसी तरह की आईडी न जमा होने से मृतक महिला और हत्यारे की जानकारी नहीं हो पाई।

इसकी सूचना जब लॉज मलिक ने पुलिस को दी तो पुलिस भी सक्रिय हो गई। डीपी नगर अभिषेक भारती ने टीम गठित की और कोई आईडी ना जमा होने से पुलिस की थोड़ी परेशानी हुई, लेकिन इसका राज कई जगहों पर लगे सीसीटीवी ने खोल दिया और पत्नी का हत्यारा पकड़ा गया।

अपनी ही पत्नी की हच्या क्यों की? जानिए वजह

पकड़ा गया आरोपी दिल्ली का रहने वाला है और इसका नाम अशोक वाल्मीकि है। ये दिल्ली में सफाई कर्मी के पद पर है, पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि उसका एक महिला से अफेयर चल रहा है और पत्नी इसका हमेशा विरोध करती थी। जिसके चलते दोनों में अक्सर झगड़ा होता था, इसलिए उसने अपनी पत्नी की हत्या की साजिश रची।

पुलिस के लिए अभी भी ये कहानी ब्लाइंड थी, लेकिन 21 फरवरी को मृतक महिला का बेटा अश्वनी उसकी खोज करते हुए प्रयागराज पहुंचा और झांसी थाने के प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह को अपनी मां की तस्वीर दिखाई और उसने बताया कि उसकी मां मीनाक्षी इस कुंभ मेले में खो गई है और मेरे पिता के साथ वह महाकुंभ स्नान करने दिल्ली से आई थी। पुलिस ने उसे महिला और तस्वीर का मिलान कराया तब तस्वीर साफ हुई और पुलिस बेटे को मोर्चरी लाई और उसकी पहचान कराई बेटा अपनी मां की लाश देखकर फूट-फूट कर रोने लगा।

इसके बाद पुलिस ने अपनी रणनीति तैयार की और बेटे के जरिए उसके पिता को बुलाया। हत्यारा पति अपने बेटे के बुलाने पर बहराना इलाके पहुंचा, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूछताछ में उस सारे राज उगलवा लिए इसके बाद हत्यारे पति अशोक ने सारी कहानी उगलकर रख दी।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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