श्रद्धा हत्याकांड केस में आरोपी दिल्ली पुलिस की रिमांड में हैं। पुलिस को बरगलाने वाला आफताब जब पूछताछ के दौरान टूटा तो इकबालिया बयान में ढेरों जानकारी दी। लेकिन जांच एजेंसियों को उन बयानों को कानूनी तौर पर सिद्ध करने के लिए पुख्ता साक्ष्यों की जरूरत है। आफताब की निशानदेही पर महरौली के जंगलों से जो हड्डियां बरामद की गई है उसे डीएनए जांच के लिए भेजा गया है। इसके साथ ही पुलिस ने रोहिणी के फॉरेंसिक लैब में नार्को टेस्ट के लिए आवेदन भी किया है। दिल्ली पुलिस की टीम में आफताब के उस फ्लैट में बेंजीन टेस्ट भी किया था, हालांकि सबूत के तौर पर सिर्फ किचन में सेल्फ के नीचे खून के धब्बे मिले। इन सबके बीच फॉरेंसिक टीम का मानना है कि जब आफताब ने शव के टुकड़े किए होंगे तो निश्चित तौर पर खून के धब्बे कपड़ों पर भी पड़े होंगे और वो जांच में अहम सुराग हो सकता है।
कपड़े बन सकते हैं अहम सबूत
आफताब को इंटरनेट के जरिये यह पता था की किसी मरे हुए इंसान के शव के टुकड़े करते वक्त खून का फव्वारा जरूर निकलता है और वो खून के छीटे कुछ फिट तक जाकर गिर सकते है इसलिए उसने शव के टुकड़े करने वाली जगह के आसपास कई फिट तक उस खास तरह के एसिड से तमाम खून के धब्बे मिटा दिए। पर फॉरेंसिक टीम का दावा है की आफताब ने कत्ल वाले दिन जो कपड़े पहने हुए होंगे उन पर खून के धब्बे वो सबूत अब तक जरूर जिंदा होंगे। लेकिन आफताब इतना शातिर है जिस तरह श्रद्धा के कपड़े बरामद नही हो रहे हैं, वैसे ही आताब ने अपने कपड़े भी बड़ी चालाकी से ठिकाने लगा दिए होंगे जिनकी तलाश जारी है।
जंगल से बरामद हड्डियों की हो रही है जांच
पुलिस ने घर तमाम कपड़े बरामद किए है ताकि कोई एक सुराग उन कपड़ो से शायद पुलिस को मिल जाए। गुरुग्राम की काली पॉलीथिन में भी मिले है पुलिस को हत्याकांड से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग जिससे पुलिस को अब एक और नई दिशा इस हत्याकांड की उलझी हुई गुत्थी को सुलझाने मे मिलेगी। श्रद्धा वाकर हत्याकांड में आरोपी ने जुर्म तो कबूल कर लिया है। लेकिन उसने जिस तरह से शातिराना अंदाज में वारदात को अंजाम दिया है उसके तह तक पहुंचने में जांच एजेंसी को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।स
