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नांदेड़ ब्लास्ट केस: 18 साल बाद सभी आरोपी बरी, कोर्ट ने खारिज किए आतंकवाद के आरोप

नांदेड़ ब्लास्ट केस के बाद “हिंदू आतंकवाद” शब्द को भारतीय राजनीति में परिभाषित किया गया था। तत्कालीन एटीएस और सीबीआई ने दावा किया कि इस ब्लास्ट में मालेगांव ब्लास्ट के आरोपी हिंदू संगठनों की सहभागिता थी।

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नांदेड़ ब्लास्ट केस में सभी आरोपी बरी (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)

साल 2006 में नांदेड़ के पाट बंधारे नगर में हुए ब्लास्ट मामले में 18 साल बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि एटीएस और सीबीआई के पास आरोपियों के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं थे।

2006 में हुआ था ब्लास्ट

6 अप्रैल 2006 को नरेश राज कोंडवार के घर पर हुए ब्लास्ट में दो लोगों की मौत हुई थी और चार लोग घायल हुए थे। इस मामले में राहुल पांडे और उनके साथियों का नाम सामने आया था। इसके अलावा, भागने में मदद करने के आरोप में डॉक्टर उमेश देशपांडे और एडवोकेट मिलिंद एकताटे समेत कुल दस लोगों को आरोपी बनाया गया था।

कैसे बरी हुए आरोपी

केस के मुख्य अधिवक्ता एनडी रुनवाल ने बताया, "नांदेड़ में एक घर में ब्लास्ट हुआ था। इसमें एटीएस महाराष्ट्र और सीबीआई ने 10 लोगों के खिलाफ चार्जशीट फाइल की थी। इस केस में कुल 49 गवाहों की गवाही हुई और अंत में फैसला सुनाया गया। कोर्ट ने अंत में कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि उस मकान में कोई ब्लास्ट हुआ है, या उस मकान में कोई विस्फोटक सामग्री मिली या उस घर में कोई जीवित बम मिला। अभियोजन पक्ष की तरफ से ऐसा कोई सुबूत पेश नहीं किया गया। इसी वजह से सभी आरोपियों को इस केस से बरी कर दिया गया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को निर्दोष माना।"

भाजपा ने किया स्वागत

भाजपा नेता अतुल भातखलकर ने कहा, "इस निर्णय का मैं तहे दिल से स्वागत करता हूं। हिंदू आतंकवाद के नाम पर कई बेगुनाह लोगों को हिरासत में लेकर उन पर बम ब्लास्ट जैसा संगीन आरोप लगाने का तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने किया था। वह एक षड्यंत्र था। कोर्ट ने षड्यंत्र को नकार दिया।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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