Krishnanand Rai Murder Case: अतीक अहमद (Atique Ahmed) को उमेश पाल किडनैपिंग केस में उम्र कैद की सजा मिल चुकी है, एक तरफ सालों तक यूपी में माफिया राज चला चुके अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी (mukhtar ansari) के गैंग को कमजोर किया जा रहा है तो दूसरी तरफ अदालत भी इनके गुनाहों के लिए सजा मुकर्रर कर रही है।
कहा जा रहा है कि अतीक के बाद अगल नंबर अब मुख्तार अंसारी का हो सकता है, मुख्तार पर अतीक से भी ज्यादा संगीन आरोप हैं, अतीक अहमद ने जिस तरह राजू पाल की हत्या करवाई थी उसी तरह मुख्तार अंसारी पर भी कृष्णणानंद राय की हत्या के आरोप हैं।
मुख्तार अंसारी पिछले 13 साल से जेल में ही है लेकिन जिस गुनाह की बात हम कर रहे हैं वो जल्द ही माफिया मुख्तार के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है
कृष्णानंदराय हत्याकांड भी राजू पाल हत्याकांड की तरह
कृष्णानंदराय हत्याकांड भी बिल्कुल राजू पाल हत्याकांड की तरह ही चुनावी रंजिश और माफियाराज की गुंडागर्दी का परिणाम है, अंतर महज इतना है कि राजू पाल को अतीक अहमद ने मरवाया जबकि कृष्णनानंद की हत्या का आरोप माफिया मुख्तार अंसारी पर हैं।
15 अप्रैल को इस केस पर अदालत अपना फैसला सुनाएगी
कृष्णानंद राय हत्या मामले में साल 2012 में गाजीपुर की एमपी एमएलए कोर्ट में गैंगस्टर एक्ट के तहत शुरू हुए ट्रायल पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। बताते हैं कि इस केस में मुख्तार अंसारी, भाई अफजल अंसारी आरोपी हैं वहीं 15 अप्रैल को इसपर अदालत अपना फैसला सुनाएगी।
