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MP: प्रिंसिपल साहब छात्रों को ले जा रहे थे चर्च और पढ़ा रहे थे बाइबल, रंगे हाथ पकड़ाए तो पुलिस ने कस दिया शिकंजा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 10, 2023, 07:24 PM IST

इस मामले का पता तब चला स्कूल पर बाल कल्याण समिति ने छापा मारा। बाल कल्याण समिति के औचक निरीक्षण में यह बात सामने आई कि बिना किसी सूचना के स्कूल चर्च ले जाने और बाइबल पढ़ाने में जुटा है, जिसके बाद इसकी शिकायत की गई और फिर मामला दर्ज हुआ।

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छात्रों को बाइबल पढ़ाने, चर्च ले जाने के आरोप में प्रिंसिपल पर मामला दर्ज

Photo : iStock

देश भर में आए दिन धर्म परिवर्तन को लेकर विवाद होते रहता है। ईसाई से लेकर मुस्लिम धर्म गुरुओं पर धर्म परिवर्तन का आरोप लगते रहा है, इसी बीच मध्यप्रदेश में एक प्रिंसिपल के खिलाफ छात्रों को चर्च ले जाने और बाइबल पढ़ाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। जिसके बाद से प्रिंसिपल फरार बताया जा रहा है।

एक गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के मंडला में एक स्कूल के प्रधानाध्यापक और छात्रावास के अधीक्षक के खिलाफ कथित रूप से छात्रों को बाइबल पढ़ाने और उन्हें चर्च ले जाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि इस मामले में छात्रावास अधीक्षक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पुलिस ने क्या कहा

एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि बाल कल्याण समिति के पदाधिकारी योगेश पराशर की एक रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। जब उनकी टीम ने मवई पुलिस थाना क्षेत्र के घोरेघाट पंचायत क्षेत्र में सेंट जोसेफ स्कूल का दौरा किया, तब ये मामला सामने आया था। उन्होंने बताया कि आरोपियों की पहचान स्कूल के प्रिंसिपल फादर जीबी सेबस्टियन और छात्रावास अधीक्षक कुंवर सिंह के रूप में हुई है।

प्रिंसिपल फरार

मवई पुलिस थाने के प्रभारी संतोष सिसोदिया ने कहा- "कुंवर सिंह को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था, जबकि सेबस्टियन फरार है। हमने कुंवर की रिमांड के लिए आवेदन दायर किया है, लेकिन अदालत ने अभी तक कोई आदेश नहीं दिया है।"

ऐसे खुला राज

बाल कल्याण समिति के सदस्य ओंकार सिंह और अनुराग पांडे ने 4 मार्च को स्कूल के छात्रावास का औचक दौरा किया था। तब उन्होंने बच्चों को बाइबिल का पाठ पढ़ाते हुए और चर्च ले जाते हुए पाया था। जिसके बाद सेबेस्टियन और सिंह के खिलाफ बाल श्रम (रोकथाम और विनियमन) अधिनियम, भारतीय दंड संहिता, किशोर न्याय अधिनियम, धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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