क्राइम

मणिपुर में महिला से दरिंदगी! पकड़ा, गिराया और फिर टूट पड़े थे हैवान...गैंगरेप पीड़िता की आपबीती

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Aug 10, 2023, 04:19 PM IST

Manipur Latest News: पीड़िता ने इस झकझोर देने वाली घटना के बाद बताया कि उसकी तबीयत बुरी तरह खराब हो गई थी। उसने आत्महत्या तक कर लेने के बारे में भी सोचा था। वह राजधानी इंफाल में क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान गई थी, पर बिना डॉक्टर को दिखाए लौट आई क्योंकि वह वहां सही से बता भी नहीं पा रही थी कि उसके साथ क्या हुआ।

Manipur Latest News: हिंसा की आग में बुरी तरह झुलसे नॉर्थ ईस्ट के मणिपुर में जातीय झड़पों के दौरान महिलाओं के साथ जो हैवानियत हुई थीं, उनकी दर्दनाक कहानियां धीरे-धीरे सामने आई हैं। गुरुवार (10 अगस्त, 2023) को इसी क्रम में एक और ताजा मामला सामने आया, जिसमें एक औरत भीड़ की ओर से कथित तौर पर गैंगरेप का शिकार हुई थी और उसने इस मामले में पुलिस में केस दर्ज कराया है। राहत शिविर में रहने वाली 37 साल की पीड़िता (चूड़ाचांदपुर जिले से) का आरोप है कि जब उसके घर को आग के हवाले कर दिया गया था, तब वह अपने दो बच्चों, भतीजी और भाभी के साथ भाग रही थी और उसी दौरान कुछ लोगों के समूह ने उन लोगों को पकड़ लिया था।

यह पूरा मामला तीन मई, 2023 का है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में महिला के हवाले से बताया गया कि पहले तो उसने अपने और परिवार के सम्मान को बचाने के लिए इस बात का खुलासा (सामाजिक कलंक के डर से) नहीं किया था। लेकिन जब और औरतों ने अपनी आपबीती बयान करना शुरू किया तो उसे भी हिम्मत मिली।

पीड़िता की जीरो एफआईआर के मुताबिक, "मैंने अपनी भतीजी को पीठ पर उठा लिया था और दोनों बेटों को भी पकड़ लिया था। हम भाभी के साथ वहां से भागने लगे थे। वह भी पीठ पर बच्चे को लादे हुए मेरे आगे-आगे दौड़ रही थीं। इसी बीच, मैं लड़खड़ाकर सड़क पर गिर गई और उठ नहीं पाई। हालांकि, भाभी दौड़ती हुई वापस आईं और मेरे जोर देने पर भतीजी को मेरी पीठ से उठाकर दोनों बेटों के साथ भाग गईं।"

बकौल पीड़िता, "मैं किसी तरह जब उठी तब तक कुछ पांच-छह उपद्रवी आ गए थे और उन्होंने मुझे पकड़ लिया। वे मुझे गाली देने लगे थे। यही नहीं, उन्होंने मेरे साथ मारपीट भी की। विरोध के बावजूद उन्होंने मुझे नीचे गिरा दिया गया और फिर यौन उत्पीड़न करने लगे।"

पीड़िता ने इस झकझोर देने वाली घटना के बाद बताया कि उसकी तबीयत बुरी तरह खराब हो गई थी। उसने आत्महत्या तक कर लेने के बारे में भी सोचा था। वह राजधानी इंफाल में क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान गई थी, पर बिना डॉक्टर को दिखाए लौट आई क्योंकि वह वहां सही से बता भी नहीं पा रही थी कि उसके साथ क्या हुआ।

मंगलवार को इंफाल के जेएनआईएमएस अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका इलाज किया और परामर्श दिया, जिससे उसे मामले की रिपोर्ट करने की ताकत मिली थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आईपीसी के 376डी, 354, 120बी और 34 सेक्शन्स के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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