क्राइम

जानते हो कौन हूं, UAE के शाही परिवार से हूं- लीला पैलेस होटल को लगाया था 23 लाख का चूना, अब पुलिस करेगी खातिरदारी

  • Reported by: मोहित ओमEdited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jan 22, 2023, 11:52 PM IST

पुलिस को जांच में पता लगा कि 1 अगस्त 2022 को इस आरोपी ने होटल लीला में चेकिंग किया था और करीब साढे 3 महीने रहने के बाद वहां से फरार हो गया। इस दौरान उसने करीब 20 लाख रुपए का चेक होटल स्टाफ को दिए थे, लेकिन वह चेक बाउंस हो गए थे।

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UAE के राजघराने का उत्तराधिकारी बताकर लीला होटल में फ्रॉड करने वाला चीटर गिरफ्तार (प्रतीकात्मक फोटो- pixabay)

दिल्ली पुलिस ने ऐसे चीटर को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने आप को यूनाइटेड अरब एमिरेट्स के राजघराने का उत्तराधिकारी बता कर दिल्ली के मशहूर लीला होटल में 23 लाख रुपए का फ्रॉड किया और फिर वहां से फरार हो गया। दिल्ली पुलिस को 14 जनवरी 2023 को एक शिकायत मिली थी। जिसमें अनुपम दासगुप्ता नाम के शिकायतकर्ता ने बताया कि वह लीला होटल पैलेस सरोजनी नगर का जनरल मैनेजर है, उनके होटल में मामेद शरीफ नाम का शख्स 1 अगस्त 2022 से 20 नवंबर 2022 तक उनके होटल मे रहा था और फिर वहां से होटल की कुछ जरूरी चीजों को लेकर, बिना बिल भरे वहां से फरार हो गया। उसका कुल बिल 23,46,413 रुपए था।

बनाई गई टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी साउथ वेस्ट मनोज सी ने एक टीम बनाई और टेक्निकल सर्विलांस के जरिए 19 जनवरी 2023 को दक्षिण कन्नडा कर्नाटक से मामेद शरीफ नाम के इस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। जब पुलिस ने उससे पूछताछ किया तो कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।

ऐसे रचता था व्यूह

41 साल के इस आरोपी ने होटल्स में फेक बिजनेस कार्ड के जरिए एंट्री की थी और अपने आप को यूनाइटेड अरब एमिरेटस से राजघराने के शेख फलाह बिन जायेद अल नह्यान का उत्तराधिकारी बताया था। उसने यूएई का अपना रेजिडेंट कार्ड भी अपने पहचान पत्र के रूप में लीला होटल को दिया था। पुलिस को जांच में पता लगा कि 1 अगस्त 2022 को इस आरोपी ने होटल लीला में चेकिंग किया था और करीब साढे 3 महीने रहने के बाद वहां से फरार हो गया। इस दौरान उसने करीब 20 लाख रुपए का चेक होटल स्टाफ को दिए थे, लेकिन वह चेक बाउंस हो गए थे। जिससे होटल कर्मचारियों को उसके ऊपर शक हुआ था। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है और पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।

दिल्ली पुलिस की अपील

दिल्ली पुलिस ने इस मामले को देखते हुए अपील की है कि किसी भी हाई प्रोफाइल बिजनेसमैन के पहचान पत्र को देख कर उस पर यकीन ना करें। सभी जरूरी कदम उठाते हुए उसके आई कार्ड को वेरीफाई करें और उसके बाद ही उसे सर्विस पर दे।

मोहित ओम
मोहित ओम author

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