क्राइम

जिसे समझा दोस्त, उसी ने कराई लाखों की लूट; 100 CCTV फुटेज की मदद से दिल्ली पुलिस ने दबोचा गांधी नगर का लुटेरा

Delhi Gandhi Nagar Loot Case: दिल्ली के गांधी नगर इलाके में एक माइक्रो फाइनेंस कारोबारी से हुई 16.5 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट का दिल्ली पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस लूट का मास्टरमाइंड पीड़ित का पड़ोसी दुकानदार 'आशू' ही निकला, जो पिछले दो महीने से इसकी साजिश रच रहा था।

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दिल्ली के गांधी नगर में 16.5 लाख की लूट का हैरान करने वाला खुलासा

Photo : iStock

Delhi Gandhi Nagar Loot Case: कहते हैं कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता। दिल्ली के मशहूर कपड़ा बाजार गांधी नगर इलाके में शुक्रवार की शाम हुई 16.5 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले में भी ऐसा ही हुआ।

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने अपनी सूझबूझ से इस बड़ी वारदात का न सिर्फ खुलासा कर दिया है, बल्कि एक आरोपी को भी दबोच लिया है। लेकिन इस कहानी का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि इस पूरी लूट का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित कारोबारी का पड़ोसी दुकानदार ही निकला।

कैसे रची गई साजिश?

पीड़ित संजय दुआ गांधी नगर में माइक्रो फाइनेंस का काम करते हैं। उनके पास अक्सर बड़ी रकम का आना-जाना लगा रहता था। इस बात की पूरी भनक उनके पड़ोस में दुकान चलाने वाले 'आशू' को थी। आशू के मन में लालच आ गया और वह पिछले दो महीनों से संजय दुआ को लूटने का प्लान बना रहा था। इस काम के लिए उसने दो लड़कों- अल्फेद और कृष्णा को तैयार किया।

डील यह तय हुई कि लूट की रकम में से 6.5 लाख रुपये आशू रखेगा और बाकी बचे 10 लाख रुपये अल्फेद और कृष्णा आपस में बराबर (5-5 लाख) बांट लेंगे। शुक्रवार की शाम मौका मिलते ही अल्फेद और कृष्णा ने संजय दुआ से 16.5 लाख रुपये लूट लिए और स्कूटी से फरार हो गए।

100 सीसीटीवी कैमरों ने खोला राज

पूर्वी दिल्ली के डीसीपी राजीव कुमार ने बताया कि वारदात के बाद पुलिस की स्पेशल टीम ने इलाके के 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। आखिरकार पुलिस को कामयाबी मिली और फुटेज के आधार पर आरोपी अल्फेद को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके पास से लूट के 2.5 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद कर ली है।

पुलिस के मुताबिक, मुख्य साजिशकर्ता आशू और उसका साथी कृष्णा फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि मास्टरमाइंड आशू पर पहले से भी धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि व्यापारिक क्षेत्रों में अपने आस-पास के लोगों पर भी आंख मूंदकर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है।

monu jha
मोनू झा author

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कं... और देखें

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