हाल के मामलों को देखकर ऐसा लगता है कि दिल्ली में बेटियां कहीं भी सुरक्षित नहीं है। पहले जहां दिल्ली में रेप के मामले सामने आते थे, छेड़खानी से बेटियां डरती थीं, गलत नजर वालों से बेटियां बचने की कोशिश करती थीं, वहीं अब उसके अपने ही जान लेने लगे हैं। कहीं प्रेमी मारकर जंगल में फेंक दे रहा है तो कहीं पिता ही बेटी को मारकर सूटकेस में भर दे रहा है।
एक शहर- दो हत्याएं
दिल्ली में इन दिनों दो हत्याओं की काफी चर्चा है। एक श्रद्धा हत्याकांड, जिसमें उसके प्रेमी आफताब ने लड़की को मारकर 35 टुकड़े कर दिए तो दूसरी ओर आयुषी हत्याकांड, इसमें एक पिता ने अपनी ही बेटी को गोली मारकर सूटकेस में बंद कर फेंक दिया। वो भी दिल्ली से दूर मथुरा में।
आयुषी हत्याकांड की कहानी
आयुषी दिल्ली के बदरपुर की रहने वाली थी। यहां वो अपने माता-पिता के साथ रहती थी। रिपोर्टों के अनुसार एक साल पहले आयुषी ने दूसरी जाति के लड़के से शादी कर ली थी। वो अक्सर घर से बाहर रहती थी। इसे लेकर उसके पिता उससे नाराज रहते थे। एक दिन दोनों के बीच विवाद हुआ और पिता ने ताव में आकर बेटी पर गोली चला दी। बेटी की मौत वहीं हो गई, जिसके बाद पिता ने उसे एक सूटकेस में पैक किया और मथुरा ले जाकर फेंक दिया।
मां ने भी दिया साथ
आयुषी हत्याकांड में उसकी मां ने भी अपने पति का साथ दिया था। हालांकि जब पुलिस ने मां को लाश की शिनाख्त कराने के लिए मथुरा बुलाया तो वो दहाड़े मार-मार कर रो रही थी, अपने पति को दोषी ठहरा रही थी, लेकिन एक सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को पता चला कि मां भी लाश फेंकने के दौरान अपने पति के साथ ही थी। जिसके बाद मां को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
श्रद्धा हत्याकांड की कहानी
श्रद्धा की हत्या उसके अपने ही प्रेमी और लिव इन पार्टनर आफताब ने की है। आफताब को पुलिस पकड़ चुकी है और उसका नार्को टेस्ट करवाने की तैयारी कर रही है। इस मामले में आफताब ने पहले श्रद्धा को मारा और फिर लाश को एक फ्रिजर में रख दिया। जहां से वो उसे टुकड़ों-टुकड़ों में काटकर जंगलों में फेंक दिया। श्रद्धा की हत्या मई में हुई थी और मामला अब सामने आया है।
