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Shraddha Murder: इसी दुकान से आफताब ने खरीदा था आरी-हथौड़ा और कील, जिससे लाश के किए थे 35 टुकड़े!

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 22, 2022, 01:52 AM IST

आफताब ने श्रद्धा की हत्या करने के बाद उसकी लाश को एक बड़े फ्रिजर में रखा, फिर आरी और हथौड़े की मदद से उसके 35 टुकड़े किए। जिसे वो दिल्ली के जंगलों में ठिकाने लगा आया। पुलिस उस दुकानदार से भी पूछताछ कर चुकी है, जिसके यहां से इन हथियारों को खरीदा गया था।

श्रद्धा हत्याकांड (Shraddha Murder Case) का आरोपी आफताब (Aftab) ने लाश को काटने के लिए आरी, हथौड़ा और कील का सहारा लिया था। जिस दुकान से आफताब ने ये सारी चीजें खरीदी थी, पुलिस उसके मालिक से भी पूछताछ कर चुकी है। आफताब को भी साथ में पुलिस दुकान पर ले गई थी, हालांकि दुकानदार ने आफताब को पहचानने से इनकार कर दिया है।

दिल्ली की वो दुकान

टाइम्स नाउ नवभारत के रिपोर्टर जब इस दुकान पर पहुंचे तो दुकान के मालिक ने उस दिन की सारी कहानी बयां कर दी। दुकानदार ने कहा- "10-12 दिन हो गए जब पुलिस वाले आफताब को लेकर आए थे, वो वेरीफाई करने आए थे कि दुकान से आफताब क्या-क्या सामान खरीदकर ले गया है? आफताब ने स्वीकार किया कि उसने यहां से आरी के ब्लेड, हथौड़ा और कील ले गया था। उसने तीन से चार आरी के ब्लेड, एक फ्रेम, दो हथौड़े और कुछ कीलें खरीदी थी।"

दुकानदार ने आफताब को नहीं पहचाना

दुकानदार ने आगे बताया कि पुलिस के अनुसार 18 मई को आफताब दुकान पर इन चीजों को खरीदने के लिए आया था। हालांकि दुकानदार ने साफ कहा कि उन्हें नहीं पता वो आया था या नहीं? क्योंकि दुकान में रोज काफी लोग आते हैं, सबको याद रखना मुश्किल है।

अभी तक मामले में क्या हुआ

आफताब अभी पुलिस की हिरासत में है। उसका नार्को टेस्ट किया जाना है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस की कई टीमें हिमाचल, महाराष्ट्र, उत्तराखंड में मौजूद है। कत्ल करने से पहले आफताब, श्रद्धा के साथ इन राज्यों में गया था। पुलिस लाश के टुकड़ों को भी खोजने में जुटी है। महरौली के जंगलों में तलाशी अभियान जारी है।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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