किसान आंदोलन के समय लखीमपुर खीरी जिला उस समय चर्चा में आया जब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी के बेटे आशीष मिश्रा का एक वीडियो सामने आया जिसमें वो अपनी थार से कुछ किसानों को कुचलते नजर आए। इस मामले में सियासत गरम होने के बाद मामला अदालत में पहुंचा और आशीष मिश्रा को सरेंडर करना पड़ा। आशीष मिश्रा के ऊपर आरोप लगा कि वो जेल में रहते हुए भी गवाहों को धमका रहा है। एकाध आरोप इस तरह के भी लगे कि उन्होंने गवाहों पर हमला कराया है। इन सबके बीच एक बार फिर खबर है कि मुख्य गवाह प्रभजोत सिंह और उसके भाई सर्वजीत सिंह पर तलवार से हमला किया गया है, सर्वजीत सिंह गंभीर रूप से घायल है। आरोप आशीष मिश्रा और उनके नजदीकी दोस्तों पर लगे हैं।
पीड़ित बोला, बनाया जा रहा है दबाव
हमले में घायल प्रभजोत सिंह ने तिकुनिया थाने में जो रिपोर्ट दर्ज कराई है उसमें आशीष मिश्रा को नामजद किया है।प्रभजोत सिंह का कहना है कि पुलिस उन पर दबाव बना रही है कि वो अपनी शिकायत से आशीष मिश्रा का नाम हटा लें। लेकिन वो उनका नाम नहीं हटाएंगे। उन्होंने सोच समझ कर फैसला किया है।इस घटना पर लखीमपुर खीरी के एसपी का कहना है कि इससे हिंसा से कोई संबंध नहीं है। आपसी गुटबाजी में यह हमला हुआ है। घायल का इलाज कराया जा रहा है। बता दें कि हिंसा मामले में एडीजे फर्स्ट की कोर्ट ने 6 दिसंबर को आशीष समेत 6 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। आशीष मिश्रा पर मर्डर और एमवीए के तहत आरोप है। 16 दिसंबर से ट्रायल शुरू होने वाला है, और गवाहों की गवाही शुरू हो जाएगी।
क्या है पूरा मामला
3 अक्टूबर 2021 को तिकुनिया थाने में हिंसा हुई थी। आरोप लगा कि आशीष मिश्रा के इशारे पर थार जीप से प्रदर्शनकारियों को कुचला गया था। उस घटाना में चार किसानों की मौत हुई औक उसके बाद हिंसा भड़की जिसमें चार और लोगों की मौत हो गई। किसान, गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा के खिलाफ धरना के लिए जुटे थे। जिस दिन वारदात हुई उसी दिन बगल के गांव में अजय मिश्रा और यूपी के तत्कालीन डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य एक दंगल कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे।
