क्राइम

दिल्ली में IRS की बेटी की हत्या, 4 स्तर की सुरक्षा कैसे पार कर गया आरोपी, कैसे मिला पासकोड?

Delhi Crime: पुलिस का मानना ​​है कि परिवार के पूर्व नौकर और अलवर के मूल निवासी राहुल मीणा ने घर के लेआउट, एंट्री कोड और चाबियों के जगह की जानकारी का फायदा उठाते हुए घर में प्रवेश किया।

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कैसे हर सुरक्षा पर कर गया आरोपी राहुल मीणा?

IRS Officers Daughters Murder Case: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के अमर कॉलोनी में बुधवार को एक आयकर विभाग (IRS) अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी के साथ कथित बलात्कार और हत्या की वारदात से सनसनी फैल गई है। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली में कानून व्यवस्था पर सवाल खडे़ कर दिए हैं। साथ ही घरों में मौजूद महिलाओं की सुरक्षा पर भी बड़ा सवालिया निशान लग गया है। तमाम सुरक्षा उपायों के बावजूद आखिर कैसे इस तरह की वारदातें हो रही हैं। इस मामले की जांच में यह बात प्रमुखता से सामने आई है कि कैसे एक पूर्व घरेलू नौकर ने घर की चार स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को भेद डाला और एक होनहार लड़की को बेरहम से मार डाला।

चप्पे-चप्पे से वाकिफ था राहुल मीणा

पुलिस का मानना है कि परिवार के पूर्व नौकर और राजस्थान के अलवर के मूल निवासी 23 वर्षीय राहुल मीणा ने घर के लेआउट, एंट्री कोड और चाबियों के जगह की जानकारी का फायदा उठाते हुए बुधवार सुबह लड़की के माता-पिता के जिम जाने के बाद घर में प्रवेश किया। उसे घर में चप्पे-चप्पे की जानकारी थी। सूत्रों के अनुसार, घर में कई सुरक्षा अवरोध हैं, जिनमें हर मंजिल पर ताले लगे प्रवेश द्वार और लिफ्ट का प्रतिबंधित प्रवेश शामिल है। पीड़िता जिस कमरे में थी, उस हिस्से तक पहुंचने के लिए कम से कम चार ताले खोलने पड़े, जिनमें से तीन पासकोड से चलते थे।

कोड और चाबियों के बारे में भी पता था

जांचकर्ताओं को संदेह है कि मीणा को कोड पता थे और उसे घरेलू कर्मचारियों की अतिरिक्त चाबियों के जगह की जानकारी थी, जिससे वह बिना किसी संदेह के घर में घूम सका। मीणा को अपराध के कुछ घंटों बाद द्वारका के एक होटल से गिरफ्तार किया गया। उस पर परिवार के घर में एक आईआरएस अधिकारी की बेटी के साथ बलात्कार और हत्या का आरोप है। पुलिस ने बताया कि मीणा को पैसों के गबन के आरोपों के बाद लगभग आठ महीने तक घर में काम करने के बाद लगभग छह सप्ताह पहले बर्खास्त कर दिया गया था।

जांच में जुटी दिल्ली पुलिस

जांच में जुटी दिल्ली पुलिस

सीसीटीवी फुटेज में आरोपी की शक्ल

जांचकर्ताओं के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में राहुल मीणा को सुबह लगभग 6:28 बजे पीले रंग की कमीज और काली पैंट पहने आवासीय परिसर में प्रवेश करते देखा गया। लगभग एक घंटे बाद, एक अन्य क्लिप में उसे सुबह लगभग 7:22 बजे अलग कपड़ों में निकलते देखा गया। वह सफेद पैंट और पीली रंग की फुल-स्लीव टी-शर्ट पहले हुआ था। सूत्रों ने बताया कि कैलाश हिल्स स्थित आलीशान आवास से निकलते समय उसके पास एक काला बैग भी था। जांचकर्ताओं का मानना है कि उसने अपराध के बाद कपड़े बदले होंगे और भागने से पहले पास के एक पार्क में थोड़ी देर रुका होगा।

पीड़िता एक होनहार इंजीनियरिंग स्नातक और यूपीएससी की तैयारी कर रही थी, उस समय वह घर में अकेली थी। उसके माता-पिता सुबह लगभग 8 बजे लौटे और उसे खून से लथपथ पाया। घर के अलग-अलग हिस्सों में उसका सामान बिखरा हुआ था। पीड़िता के कपड़े फटे हुए मिले। शुरुआती जांच से पता चलता है कि गला घोंटने से पहले उसके साथ बलात्कार किया गया था, मोबाइल फोन चार्जर केबल से उसका गला घोटा गया। पुलिस ने बलात्कार, हत्या और लूट का मामला दर्ज किया है, हालांकि मेडिकल जांच के परिणाम आने के बाद यौन उत्पीड़न की पुष्टि की जाएगी।

नौकरी से क्यों निकाला गया राहुल

पुलिस ने बताया कि मीणा को पहले एक अन्य अधिकारी की सिफारिश पर नौकरी पर रखा गया था। नौकरी के दौरान, उसने कथित तौर पर परिवार से छोटे-मोटे कामों के लिए पैसे लिए, लेकिन दुकानदारों को भुगतान नहीं किया और इसके बजाय उधार पर सामान खरीदा। इसी आदत के चलते उसे कथित तौर पर बर्खास्त कर दिया गया।

आरोपी ने अलवर में महिला का बलात्कार किया

जांचकर्ता इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि मीणा ने दिल्ली आने से पहले राजस्थान में एक और यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया होगा। शुरुआती जानकारी के अनुसार, उसने मंगलवार देर रात अलवर में एक पड़ोसी का बलात्कार किया और फिर दिल्ली आ गया। दिल्ली पुलिस ने आरोपी का पता लगाने के लिए लगभग 15 टीमें बनाईं और उसके भागने के रास्ते का पता लगाने के लिए रिहायशी इलाके और आसपास की सड़कों के सीसीटीवी फुटेज का भरपूर इस्तेमाल किया।

जांचकर्ताओं ने बाद में उस ऑटो रिक्शा का पता लगाया, जिसके बारे में माना जाता है कि अपराध के बाद मीणा उसमें भाग था। ड्राइवर से पूछताछ के बाद, पुलिस को पता चला कि उसने हत्यारे को द्वारका के एक होटल में छोड़ा था, जहां छापेमारी के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले ने व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है, सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जांचकर्ता यह निर्धारित करने के लिए फोरेंसिक साक्ष्य, निगरानी फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण करना जारी रखे हुए हैं कि क्या अपराधी ने किस तरह इसे अंजाम दिया, क्या उसकी सोच थी और कैसे उसने इसकी योजना बनाई।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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