क्राइम

हैदराबाद में अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 11 गिरफ्तार; चार बच्चे बचाए गए

हैदराबाद पुलिस ने एक अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान 4 बच्चों को बदमाशों की चंगुल से पुलिस ने बचाया भी।

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प्रतीकात्मक फोटो

Photo : PTI

पुलिस ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में सक्रिय एक अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मंगलवार को 11 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें बच्चों को खरीदने वाले तीन निःसंतान दंपत्ति भी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों द्वारा गुजरात की एक महिला से कथित तौर पर खरीदे गए चार बच्चों को भी बचाया।

11 को किया गिरफ्तार

अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस के ‍विभिन्न दलों ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के साथ मिलकर के कृष्णवेणी और बी दीप्ति सहित 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। राचकोंडा के पुलिस आयुक्त जी सुधीर बाबू ने बताया कि आरोपियों ने अहमदाबाद निवासी वंदना से कथित तौर पर चार शिशुओं को खरीदा था और बिचौलियों के माध्यम से उन्हें आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में तीन परिवारों को बेच दिया था।

बच्चों की खरीद फरोख्त

पुलिस के अनुसार, एक से दो महीने की उम्र के दो लड़कों और दो लड़कियों को जनवरी और फरवरी के बीच दो से 4.2 लाख रुपये में खरीदा गया था और फिर ढाई से 4.8 लाख रुपये में बेच दिया गया था। अधिकारियों ने बताया कि गुप्त सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सुबह करीब छह बजे चैतन्यपुरी बस स्टॉप पर कृष्णवेणी और अन्य आरोपियों को रोका, जहां उनके पास संदिग्ध परिस्थितियों में एक शिशु बरामद हुआ। उन्होंने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने शिशुओं की खरीद-फरोख्त में शामिल होने की बात स्वीकार की।

गोद लेने के लिए खरीदा जा रहा था बच्चा

अधिकारियों के मुताबिक, गहन पूछताछ के बाद पुलिस दीप्ति के घर पहुंची, जहां तीन और शिशु मिले। उन्होंने बताया कि एजेंट और मध्यस्थ के रूप में काम करने वाले आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने निःसंतान दंपतियों को जन्म और गोद लेने के प्रमाण पत्र देने के बहाने बुलाया था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में एक सहायक प्रोफेसर भी शामिल है, जिसने एक शिशु को खरीदा था।

फरार आरोपियों की तलाश जारी

उसने बताया कि कृष्णावेणी पहले भी इसी तरह के बाल तस्करी गिरोह में शामिल रह चुकी है और वह दीप्ति और अन्य सहयोगियों के माध्यम से शिशुओं की आपूर्ति करती थी। पुलिस के मुताबिक, कृष्णावेणी सोशल मीडिया के माध्यम से वंदना से जुड़ी, जिसने अन्य सहयोगियों की मदद से गुजरात से दो लड़कों और दो लड़कियों को भेजने की व्यवस्था की। अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और किशोर न्याय अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं से तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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