क्राइम

मुरादाबाद में अवैध कारतूस फैक्ट्री का भंडाफोड़, दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करने वाले तीन गिरफ्तार

जांच में सामने आया कि इलियास पिछले 20 साल से इस अवैध धंधे में लिप्त है और उस पर पहले भी गैंगस्टर एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। स्पेशल सेल अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि अब तक दिल्ली-एनसीआर में कितनी बड़ी मात्रा में हथियार और कारतूस सप्लाई किए गए हैं।

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मुरादाबाद में अवैध कारतूस फैक्ट्री का भंडाफोड़ (फोटो:canva)

दिल्ली-एनसीआर में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। स्पेशल सेल/ईस्टर्न रेंज की टीम ने मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) में चल रही कारतूस बनाने की फैक्ट्री का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फाजिल, जमीर और इलियास के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर को गुप्त सूचना मिली थी कि फाजिल नाम का सप्लायर गाजीपुर फ्लाईओवर, दिल्ली पर हथियार पहुंचाने वाला है। मौके पर जाल बिछाकर फाजिल को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से 4 पिस्टल और 166 जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में फाजिल ने बताया कि वह यह सामान जमीर से लेता था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर जमीर को रामपुर से गिरफ्तार किया और उसके पास से 20 कारतूस बरामद किए। जमीर ने खुलासा किया कि असली सप्लाई मुरादाबाद के इलियास से होती है। इसके बाद पुलिस ने छापा मारकर इलियास को पकड़ा और उसके पास से 2 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और एक पिस्टल बरामद की।

इलियास की निशानदेही पर मुरादाबाद में चल रही एक गुप्त फैक्ट्री का पता चला। जब टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से छापा मारा तो वहाँ से लेथ मशीन, ग्राइंडिंग मशीन, 257 खाली कारतूस, 354 बुलेट लीड्स, 350 खाली शेल, गन पाउडर और पीतल की रॉड बरामद हुईं। पुलिस का कहना है कि बरामद कच्चे माल से लगभग 1000 कारतूस तैयार किए जा सकते थे।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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