Disha Salian News: दिशा सालियान केस में सीबीआई (CBI) ने जो एफआईआर दर्ज की है, उसमें कई बड़े नाम शामिल हैं। सीबीआई की एफआईआर में दित्य ठाकरे, रोहन रॉय, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाजे, परमबीर सिंह, DCP विशाल ठाकुर, उद्धव ठाकरे से बड़े नाम शामिल हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ेके आदेश के बाद सीबीआई ने यह एफआईआर दर्ज की है, जिसमें कई नामी हस्तियों का नाम दर्ज हैं।
आरोपी नहीं जांच के दायरे में
दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में आपराधिक साजिश, हत्या, सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप), सबूत मिटाने और गुमराह करने वाली जानकारी देने जैसी गंभीर धाराओं के तहत एक नई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। इस प्राथमिकी में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उनके बेटे और पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे सहित पुलिस प्रशासन और बॉलीवुड से जुड़े कई बड़े नामों की भूमिका की जांच की मांग की गई है। हालांकि, दर्ज FIR में फिलहाल किसी भी व्यक्ति को औपचारिक रूप से सीधा 'आरोपी' के तौर पर नामजद नहीं किया गया है, बल्कि जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
FIR में क्या-क्या आरोप लगाए गए हैं?
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि घटना के समय तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उनके पुत्र आदित्य ठाकरे और अन्य प्रमुख लोगों ने साजिश रचने और बाद में मामले को दबाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, एफआईआर में मांग की गई है कि इस बात की गहन जांच हो कि क्या संबंधित पुलिस अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों ने:
- मामले से जुड़े कागजात, आधिकारिक फाइलें और सरकारी रिकॉर्ड नष्ट किए या दबाए।
- सरकारी कागजातों व रिकॉर्ड में हेरफेर और फर्जीवाड़ा किया।
- आरोपियों को बचाने के लिए सरकारी धन, संसाधनों और पुलिस मशीनरी का गैरकानूनी तरीके से दुरुपयोग किया।
- घटना को दबाने के लिए 'झूठी आत्महत्या' की थ्योरी तैयार की और उसे प्रचारित किया।
जांच के दायरे में कौन-कौन से प्रमुख नाम शामिल?
एफआईआर के अनुसार, मुख्य अपराध, आपराधिक साजिश, सबूतों को नष्ट करने और मामले को दबाने के संदर्भ में जिन प्रमुख हस्तियों की भूमिका की जांच जरूरी बताई गई है, उनमें शामिल हैं:
राजनीतिक व प्रशासनिक नाम: पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, विधायक आदित्य ठाकरे, पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख, पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह, निलंबित एपीआई सचिन वाजे और डीसीपी विशाल ठाकुर।
बॉलीवुड व अन्य हस्तियां: अभिनेता डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, रोहन रॉय और आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड।
पुलिस अधिकारी व मालवणी थाना स्टाफ: एपीआई अशोक देवाड़े, पीआई जगदेव कलापड़, पीआई शैलेंद्र नगरकर, पीआई चिमाजी आधव, पीआई अर्जुन राजाने और मालवणी पुलिस स्टेशन के संबंधित अधिकारी।
चिकित्सक व फॉरेंसिक टीम: देरी से पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर व स्टाफ, डॉ. संजय जाधव और कालिना स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के अधिकारी (जिनमें असिस्टेंट केमिकल एनालाइजर N.P. भाले भी शामिल हैं)।
इमारत के सुरक्षा गार्ड व अन्य नागरिक: रीजेंट गैलेक्सी बिल्डिंग के सुरक्षा गार्ड (सुशील कुमार यादव, शिवमुराद गौतम) और अन्य सहयोगी जैसे प्रीति राणे, प्रवीण राणे, अंकिता सातुर, इंद्रनील वैद्य, दीप अजमेरा, हिमांशु शिखारे, रेशा पाडवाल, सतवंत सिंह, नावेद मुजावर और प्रियेश राणे।
एसआईटी (SIT) की भूमिका पर भी सवाल
प्राथमिकी में इस बात का भी उल्लेख है कि मामले की पहले जांच कर चुकी विशेष जांच टीम (SIT) के वरिष्ठ सदस्यों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और उन तमाम अज्ञात लोगों की भी भूमिका की जांच होनी चाहिए, जिनकी निगरानी में कथित तौर पर गलत तरीके से पूछताछ और जांच प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।
अब इस हाई-प्रोफाइल प्राथमिकी के दर्ज होने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति और कानूनी गलियारों में हड़कंप मच गया है।
