Raja Raghuvanshi : मेघालय पुलिस ने कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या की पुष्टि कर दी है। राजा की जिस हथियार से हत्या हुई विशेष जांच टीम ने उसे बरामद कर लिया है। बरामद हथियार 'दाओ' (खुखरी जैसा) है जिसका इस्तेमाल खासी जनजाति कृषि कार्यों के लिए करती है। इस्ट खासी हिल्स जिला पुलिस के प्रमुख ने भी हथियार की बरामदगी की पुष्टि की है। हालांकि, हत्यारों की पहचान होनी अभी बाकी है। रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी अभी भी लापता हैं। उनकी तलाश की जा रही है।
अतिथि गृह से निकलने के कुछ घंटे बाद लापता हो गए थे
पुलिस ने बताया कि मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स के सोहरा इलाके में लापता हुए दंपति में से युवक का शव मिलने के एक दिन बाद महिला की तलाश के लिए चलाये जा रहे अभियान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एमडीआरएफ) के जवान भी शामिल हो गए हैं। राजा रघुवंशी (29) और उनकी पत्नी सोनम 23 मई को नोंग्रियाट गांव में स्थित एक अतिथि गृह से निकलने के कुछ घंटे बाद ही लापता हो गए थे। यह गांव उस जगह से 20 किलोमीटर दूर है जहां सोमवार को राजा का शव मिला था। जिला पुलिस अधीक्षक विवेक सिम ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, "राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के 17 बचावकर्मियों का एक दल आज सोहरा में खोज एवं बचाव अभियान में शामिल हुआ।"
'टैटू' से शव की पहचान हुई
उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ के शामिल होने से महिला की तलाश के लिए जारी अभियान में तेजी आएगी, जबकि बचाव दल पहले से ही महिला की खोज के लिए ड्रोन, पर्वतारोहियों और विशेष पुलिस बलों का उपयोग कर रहा है। अधिकारी ने बताया कि राजा के भाई ने मृतक के दाहिने हाथ पर बने एक विशिष्ट 'टैटू' से उसके शव की पहचान की, जिस पर 'राजा' लिखा था। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से एक महिला की सफेद शर्ट, दवाई, मोबाइल फोन की स्क्रीन का एक हिस्सा और एक स्मार्टवॉच भी बरामद हुई है। उन्होंने बताया कि हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
भाई ने जताया था हत्या का शक
उत्तर पूर्वी इंदिरा गांधी क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं आयुर्विज्ञान संस्थान में राजा के भाई ने दंपति की गुमशुदगी की गहराई से जांच की मांग की। उत्तर पूर्वी इंदिरा गांधी क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं आयुर्विज्ञान संस्थान में ही राजा का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा था। राजा के भाई ने कहा,"चूंकि मेरे भाई की सोने की अंगूठियां, एक सोने की चेन और बटुआ गायब था, इसलिए हमें शक है कि यह हत्या है। हम अधिकारियों से अनुरोध करते हैं कि इस मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपी जाए।" हालांकि, पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में पहले ही हत्या का मामला दर्ज किया जा चुका है और जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। अत्यधिक भारी बारिश और कम दृश्यता के कारण 30 मई को खोज एवं बचाव अभियान बाधित हो गया था। पुलिस ने 24 मई को यह अभियान शुरू किया था।
