करवा चौथ के ठीक दो दिन बाद दूसरी पत्नी ने पति को जिंदा जलाया, बोली- 'आज तुझे...', पढ़ें- पूरा मामला
- Reported by: हितेन विठलानीEdited by: Nitin Arora
- Updated Oct 13, 2025, 02:40 PM IST
दूसरी पत्नी कैलाश केराई ने संपत्ति के लालच में पति को जिंदा जला दिया। करवा चौथ के महज दो दिन बाद 60 वर्षीय पति धनजीभाई की हत्या कर दी गई। लगभग डेढ़ साल पहले मेहसाणा के हीरपुरा गांव की तलाकशुदा कैलाश ने धनेजीभाई की संपत्ति के लुभावे में उनसे शादी की थी।
गुजरात के कच्छ में करवा चौथ के ठीक दूसरी पत्नी ने पति को जिंदा जलाया
Kutch Crime News: गुजरात के कच्छ जिले के सामत्रा गांव में एक सनसनीखेज हत्या ने इलाके को हिलाकर रख दिया। करवा चौथ के महज दो दिन बाद 60 वर्षीय धनी विधुर धनजीभाई उर्फ खीमजीभाई विश्रामभाई केराई (पटेल) को उनकी दूसरी पत्नी कैलाश केराई ने संपत्ति के लालच में जिंदा जला दिया। धनजीभाई की पहली पत्नी की चार साल पहले मौत हो चुकी थी और फिर उनके तीन बेटों भी अलग रहने लगे थे, जिससे धनजीभाई अकेले थे। उनके बेटे लंदन और सीसेल्स स्थित है।
'आज तुझे जिंदा नहीं छोड़ूंगी'
लगभग डेढ़ साल पहले मेहसाणा के हीरपुरा गांव की तलाकशुदा कैलाश ने धनेजीभाई की संपत्ति के लुभावे में उनसे शादी कर ली। शादी के बाद पहले उसने पहली पत्नी के 18 तोले सोने के जेवरात हड़प लिए। हाल ही में भुज में घर खरीदने के लिए पैसे की मांग पर विवाद हुआ। शनिवार शाम पैसे देने से इनकार करने पर गुस्साई कैलाश ने चिल्लाया, 'आज तुझे जिंदा नहीं छोड़ूंगी', फिर वे अपने पति को गैरेज में खींचकर ले गई और केरोसिन डालकर आग लगा दी।
उपचार के दौरान मौत
गंभीर जली हुई हालत में धनजीभाई को भुज के जी.के जनरल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान मौत हो गई। पश्चिम कच्छ मानकूवा पुलिस ने कैलाश के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया है। वहीं जांच जारी है।
'आग लगाकर दरवाजा कर दिया बंद'
पुलिस अधिकारी ने बताया कि कच्छ जिले के पुलिस थाने में पति द्वारा अपने पति की हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मामले में जांच जारी है। बताया गया कि तीन में एक बेटा यहीं आया हुआ है। वहीं, घटना से पहले पति पत्नी में झगड़ा हुआ था। पत्नी ने पति को गैरेज में लेकर जाकर केरोसिन डालकर आग लगा दी और दरवाजे का गेट बंद करके ऊपर घर में चली गई। जब पीड़ित चिल्लाया तो लोगों ने आवाज सुनकर गेट खोला, जहां फिर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।