क्राइम

गैंगस्टर संजीव जीवा की लखनऊ कोर्ट में हत्या, मुख्तार अंसारी का करीबी था यह कुख्यात अपराधी

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Jun 7, 2023, 07:35 PM IST

Gangster Sanjeev Jeeva Murder: मुख्तार अंसारी के करीबी गैंगस्टर संजीव जीवा की कोर्ट में गोली मारकर हत्या कर दी गई। जीवा स्वर्गीय ब्रम्हादत्त द्विवेदी की हत्या का आरोपी भी था। संजीव कई अपराधों में शामिल रहा है।

Gangster Sanjeev Jeeva Murder: लखनऊ के दीवानी न्यायालय में मुख्तार अंसारी के करीबी गैंगस्टर संजीव जीवा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जीवा को पांच गोली मारी गई। एक गोली सीने में लगी। इस गोलीबारी में एक बच्ची और एक पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। जीवा बीजेपी नेता स्वर्गीय ब्रम्हादत्त द्विवेदी की हत्या का आरोपी भी था। संजीव कई अपराधों में शामिल रहा है। पश्चिमी यूपी का यह कुख्यात अपराधी था। कृष्णानंद राय की हत्या में भी संजीव का नाम आया। संजीव पर कई फिरौती और वसूली के भी केस हैं। संजीव पहले कंपाउंडर का काम करता था। यह मुख्तार का राइट हैंड था। संजीव जीवा पर हमला करने वाले की पहचान हो गई है। उसका नाम विजय यादव है। यह जौनपुर का रहने वाला है।

यूपी में क्राइम चरम पर है- अखिलेश यादव

लखनऊ शूटआउट पर उत्तर प्रदेश के मुख्य विपक्षी पार्टी सपा के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी में क्राइम चरम पर है। कानून व्यवस्था बेहद खराब है। महिलाओं पर अपराध बढ़ रहे हैं। अगर हम कुछ बोलूंगा तो कहेगा कि हमने मरवा दिया।

वकील के रूप में कोर्ट में पहुुंचा था हमलावर

जीवा को एक क्रिमिनल केस में सुनवाई के लिए लखनऊ कोर्ट लाया गया था। उन पर कई अन्य आपराधिक मामले दर्ज थे। प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि शूटर कोर्ट में वकीलों के रूप में पहुंचे और संजीव जीवा पर गोलियां चलाईं। लखनऊ कोर्ट परिसर में फायरिंग में संजीव जीवा की गोली लगने से मौत हुई। हमलावर संजीव जीवा, जो कि एक खूंखार शूटर भी था। उसे मारने के बाद मौके से फरार होने में कामयाब रहे। हमले में एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हो गया और उसे इलाज के लिए लखनऊ सिविल अस्पताल भेजा गया है।

कंपाउंडर के रूप में शुरू किया था करियर

इस बीच, शूटआउट के बाद लखनऊ कोर्ट में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। एक कंपाउंडर के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले संजीव जीवा ने आखिरकार खुद अपराध की दुनिया में डूब गया था। उन्हें मुन्ना बजरंगी का करीबी सहयोगी भी कहा जाता था। जिनकी 2018 में बागपत जेल में सजा काटने के दौरान हत्या कर दी गई थी।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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