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एप्स्टीन यौन शोषण केस: 75 पीड़िताओं को मिल सकता है 7.25 करोड़ डॉलर का मुआवजा

जेफ्री एप्स्टीन के यौन शोषण का शिकार हुई करीब 75 महिलाओं को 7.25 करोड़ डॉलर के मुआवजा कोष से सहायता मिल सकती है, जिसे Bank of America ने समझौते के तहत बनाया है। यूएस जिला न्यायाधीश Jed S. Rakoff ने इस समझौते को प्रारंभिक मंजूरी दे दी है

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एप्स्टीन की शिकार महिलाओं को मिलेगा मुआवजा (प्रतीकात्मक फोटो- Canva)

जेफरी एप्स्टीन (Jeffrey Epstein) केस में यौन शोषण का शिकार हुई करीब 75 महिलाओं को 7.25 करोड़ डॉलर के मुआवजा कोष से सहायता मिल सकती है। यह कोष बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America) ने पीड़ितों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकीलों के साथ हुए समझौते के तहत स्थापित किया है। वकीलों ने इस संबंध में जानकारी दी है।

अंतिम मंजूरी की सुनवाई कब?

अमेरिका के यूएस डिस्ट्रिक्ट जज Jed S. Rakoff ने गुरुवार को इस समझौते को प्रारंभिक मंजूरी दे दी और अंतिम मंजूरी के लिए 27 अगस्त को सुनवाई की तारीख तय की है। साथ ही उन्होंने वकीलों को निर्देश दिया कि वे उन प्रकाशनों की विस्तृत सूची प्रस्तुत करें, जिनके माध्यम से एप्स्टीन की पीड़िताओं तक इस मुआवजा योजना की जानकारी पहुंचाई जा सके। न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पीड़िता सहायता से वंचित न रह जाए।

एपस्टीन केस में बैंकों पर क्या आरोप?

पीड़ित महिलाओं के वकीलों ने बैंक के खिलाफ मुकदमा दायर करते हुए आरोप लगाया था कि जून 2008 से लेकर जुलाई 2019 में एप्स्टीन की गिरफ्तारी तक बैंक ने उससे जुड़े संदिग्ध वित्तीय लेन-देन को नजरअंदाज किया, जबकि वह लगातार लड़कियों और महिलाओं का यौन शोषण करता रहा। अगस्त 2019 में Manhattan की एक संघीय जेल में एप्स्टीन की मौत हो गई थी, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या करार दिया गया था।

एपस्टीन केस में कितनी महिलाएं मुआवजे की दावेदार?

सुनवाई के दौरान पीड़ितों की ओर से पेश वकील डेविड बोइस ने बताया कि अनुमान है कि 60 से 75 महिलाएं मुआवजे के लिए दावा पेश कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है कुछ पीड़ित अब भी सामने न आई हों। जज राकोफ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एप्स्टीन के जघन्य अपराधों से पीड़ित महिलाओं की पीड़ा को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन वे उन सभी व्यक्तियों या संस्थाओं से उचित मुआवजा पाने की हकदार हैं, जिन्होंने जानबूझकर या लापरवाही से उसके अपराधों में सहयोग किया।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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