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प्रेमी का कर्जा उतारने के लिए प्रेमिका ने अपने घर करवाई चोरी, जानें कैसे हुआ करतूत का खुलासा

Crime News: राजस्थान के झुंझुनू में अजीबो-गरीब वारदात का खुलासा हुआ है। जहां प्रेमिका ने अपने प्रेमी का कर्जा उतारने के लिए अपने ही घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिला दिया। परिवार की छोटी बहु ने अपने प्रेमी का कर्जा उतारने के लिए ये सारी साजिश रची। जिसका भंडाफोड़ हो गया है।

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प्रेमी और प्रेमिका गिरफ्तार।

Rajasthan Crime Story: प्रेमी का कर्जा उतारने के लिए प्रेमिका ने अपने घर चोरी करवाई, वो भी ये चोरी हजारों की नहीं, ना ही एक-दो लाख रुपये की। कुल चालीस (40) लाख की चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। मामला राजस्थान के झुंझुनू का है, जहां नवलगढ़ पुलिस ने 40 लाख की चोरी मामले का खुलासा किया है। जब असलियत सामने आई तो हर कोई सन्न रह गया। क्योंकि परिवार की छोटी बहु ने प्रेमी का कर्जा उतारने के लिए ये सारी साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपी अनिता और उसके प्रेमी देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आपको वारदात के बारे में तफसील से समझाते हैं।

प्रेमी और प्रेमिका को पुलिस ने किया गिरफ्तार

झुंझुनू जिले के नवलगढ़ कस्बे के घूमचक्कर इलाके में 23 मई की रात को एक मकान से हुई 40 लाख रुपये के जेवरात चोरी के मामले में पुलिस ने परिवार की छोटी बहू व उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने युवक के जयपुर स्थित फ्लैट से चोरी किए गए गहने व चोरी की वारदात में काम में ली गई बाइक बरामद कर ली है।

प्रेमिका ने प्रेमी का कर्ज उतारने के लिए रची साजिश

एसपी राजर्षि राज वर्मा व जांच अधिकारी एसआई अमर सिंह ने बताया कि आरोपी देवेंद्र सिंह बेरोजगार था और उस पर कर्जा हो गया था। यह कर्ज चुकाने के लिए उसकी प्रेमिका ने चोरी का प्लान बनाया। प्रेमिका अनिता ने पूरा प्लान तैयार कर गणपति नगर कालवाड़ रोड जयपुर निवासी अपने प्रेमी देवेंद्र सिंह से अपने ही घर 40 लाख रुपये के जेवरात चोरी की वारदात को अंजाम दिलवाया।

कैसे हुआ प्रेमिका की करतूत का खुलासा?

इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो आरोपी देवेंद्र 25 मई की रात को करीब 25 लाख के गहने बालकनी में फेंक गया। पुलिस ने जांच तेज की तो परिवार की छोटी बहू अनिता पर शक हुआ। पुलिस ने अनिता की कॉल डिटेल निकलवाई। कॉल डिटेल में सामने आया की अनिता वारदात से पहले एक नंबर पर लगातार बात करती थी। मगर वारदात के बाद उस नंबर पर बात नहीं की। जिसके बाद पुलिस ने मामले में जांच आगे बढ़ी और अनिता व उसके प्रेमी देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया।

देवेंद्र के जयपुर स्थित फ्लैट से करीब 15 लाख रुपये कीमत के जेवरात बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी देवेंद्र ने बताया की अनिता ने घर की लोकेशन WhatsApp के जरिए भेजी थी। वीडियो कॉल करके वो जगह दिखाई, जहां पर गहने रखे हुए थे। कुछ फोटो भी WhatsApp पर भेजे थे। पुलिस आरोपी देवेंद्र सिंह से गहनता से पूछताछ कर रही हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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