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Uttar Pradesh: चोरी के आरोप में लगाया पेट्रोल का इंजेक्शन, नाबालिगों के प्राइवेट पार्ट में डाली मिर्च

Siddharthnagar News: दबंगों ने चोरी के आरोप में बच्चों को पेट्रोल का इंजेक्शन लगाया और प्राइवेट पार्ट में मिर्च दी। चोरी के आरोप में बच्चों की इस कदर पिटाई की गई कि इंसानियत शर्मसार हो गई। वारदात उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर की है। जहां अत्याचार की सारी हदें पार कर दी गई। आपको पूरा माजरा समझाते हैं।

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बच्चों को तड़पाया और जबरन यूरीन पिलाया। (तस्वीर- Twitter)

UP Crime News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर से एक बार फिर दबंगों ने रूह कंपा देने वाली वारदात को अंजाम दिया है। दो नाबालिग बच्चों पर चोरी का आरोप लगा और फिर उनके साथ जो अमानवीय करतूत को अंजाम दिया गया, वो हर किसी को सहमा देगी। दहला देने वाली घटना सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कोनकटी चौराहे की है। जहां दो नाबालिग पर पोल्ट्री फॉर्म से रुपये और मुर्गे चोरी करने का आरोप लगा और फिर हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गई।

बच्चों को तड़पाया और जबरन यूरीन पिलाया

दो नाबालिग पर चोरी का आरोप लगा तो दबंगों ने खुद कानून को अपने हाथ में ले लिया और सजा के नाम पर क्रूरता का परिचय देना शुरू कर दिया। पहले बच्चों को बुरी तरह पीटा गया, तड़पाया गया और फिर उन्हें जबरन यूरीन पिलाया गया। क्रूरता का सिलसिला यहीं नहीं थमा, दोनों बच्चों के कपड़े उतारे गए और उनके प्राइवेट पार्ट में मिर्च डाल दिया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बेरहमी का वीडियो

बच्चों के साथ बेरहमी से बदसलूकी और प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा और लोग तमाशबीन बने रहे। पिटाई और यूरीन पिलाने के बाद दबंगों ने नाबालिगों के हाथ में पेट्रोल का इंजेक्शन लगा दिया। दिल दहला देने वाली इस वारदात का वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में खौफ पसर गया और पुलिसिया खेमे में हड़कंप मच गया और पुलिस हरकत में आ गई।

पुलिस ने घटना के बाद 6 लोगों को दबोचा

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आनन-फानन में कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधीक्षक अभिषेक कुमार अग्रवाल के कार्यालय द्वारा टाइम्स नाउ नवभारत को ये जानकारी मुहैया कराई गई है कि इस मामले में कुल 8 लोग आरोपी बनाए गए हैं, जिनमें से 6 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। बता दें, घटना को लेकर पूछताछ जारी है। कहा ये भी जा रहा है कि दोनों नाबालिग अलग-अलग समुदाय से हैं, जिनमें से एक की उम्र 10 साल है और दूसरे की उम्र 15 साल है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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