स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज के आगाज से पहले विराट कोहली ने एक बड़ा बयान देकर फैंस को सोचने पर मजबूर कर दिया है। विराट ने खुलासा किया कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप उनका आखिरी वर्ल्ड कप होगा। विराट के इस बयान के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि वर्ल्ड कप के बाद विराट कोहली कभी भी अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह सकते हैं। हालांकि, यह सिर्फ फैंस अनुमान है कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं।
भारत के दिग्गज खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा ने अगले साल होने वाले ICC मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप की तैयारी में अपना सब कुछ झोंक देने को तैयार हैं। रविवार, 27 सितंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू होने वाले नए घरेलू सीजन से पहले JioStar से बात करते हुए कोहली और रोहित ने ICC टूर्नामेंट खेलने की चुनौतियों पर चर्चा की।
'इंटेंसिटी बनाए रखना बड़ी बात'
विराट कोहली ने कहा, 50-ओवर के वर्ल्ड कप की तीव्रता (इंटेंसिटी) किसी भी चीज से ज्यादा होती है। क्योंकि अब, इसमें T20 लेवल की तीव्रता वाले 10 मैच खेलने होते हैं। लेकिन आप एक दिन में 2.5 T20 मैच के बराबर खेल रहे होते हैं। एक बड़े टूर्नामेंट और वर्ल्ड कप में 10 मैचों तक उस तीव्रता को बनाए रखना बहुत बड़ी बात है।
'यह मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा'
विराट ने आगे कहा, साथ ही यह साउथ अफ्रीका की परिस्थितियों में खेला जाएगा। इसमें बहुत ज्यादा ऊर्जा लगती है। मेरे लिए, यह भारत के लिए मेरा आखिरी वर्ल्ड कप होगा। और यही मेरी प्रेरणा है। जैसे, आप जानते हैं, मैदान पर अपना सब कुछ झोंक देना। जाहिर है, मकसद पूरी तरह से वर्ल्ड कप जीतना है और इसके लिए जो भी करना पड़े, मैं उसके लिए पूरी तरह तैयार हूं।
रोहित ने कहा- इंतजार कर रहा हूं
वहीं, रोहित शर्मा ने ICC मेन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप के साथ अपने अधूरे काम के बारे में भी खुलकर बात की। हिटमैन ने कहा, मेरे मन में कभी यह ख्याल नहीं आएगा कि मेरा काम पूरा हो गया है। जब तक आप खेल रहे हैं, हमेशा कुछ न कुछ नया करने की उम्मीद रहती है और मैं वर्ल्ड कप का इंतजार कर रहा हूं।
'अलग तरह की चुनौती'
रोहित ने आगे कहा, यह देख रहा हूं कि मेरे लिए आगे क्या है। जब वर्ल्ड कप खेला जाता है या जब हम कोई ICC टूर्नामेंट खेलते हैं, तो उसमें अपनी अलग तरह की चुनौतियां होती हैं। क्योंकि आपका सामना अलग-अलग टीमों से होता है और आप अलग-अलग जगहों पर खेलते हैं। इसलिए, आपको अलग तरह से तैयारी करनी पड़ती है, अलग तरह से सोचना पड़ता है और यही चुनौती है।
