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नितिन नवीन ने टीम 'स्पेशल 24' उतारी, विपक्ष के खिलाफ बीजेपी की तगड़ी तैयारी!

बीजेपी ने 24 सितंबर को 24 लोगों की एक सूची जारी की है। इस सूची में बीजेपी ने पूर्व से लेकर पश्चिम तक और उत्तर से लेकर दक्षिण तक, अपने संगठनात्मक ढांचे को फेंटकर रख दिया है। बीजेपी टीम स्पेशल 24 की मदद से एक ऐसा चक्रव्यूह रचना चाहती है, जिसको भेदना विपक्ष के लिए आसान नहीं होगा। क्या है ये पूरा मामला, आइये जानते हैं।

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BJP List में 24 नाम, क्या है बड़ा गेमप्लान!
Authored by: कुलदीप राघव
Updated Sep 26, 2026, 14:08 IST
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भाजपा के बारे में एक बात कही जाती है, ये ऐसी पार्टी है जो आज की नहीं, कल की सोचती है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा होती है कि बीजेपी 24x7 चुनावी मोड में रहती है। तीन-चार साल बाद जो चुनाव होने हैं, बीजेपी उसकी रणनीति पर भी अभी से काम कर रही है। अधीर रंजन चौधरी कांग्रेस के नेता हैं और वह भी इस बात को कह चुके हैं कि बीजेपी लगातार चुनाव जीतने की रणनीति पर काम करती रहती है और चौबीस घंटे चुनावी माहौल बनाए रखती है। लेकिन आज हम यह चर्चा क्यों कर रहे हैं, उसकी वजह बहुत दिलचस्प है। दरअसल, बीजेपी ने 24 सितंबर को 24 लोगों की एक सूची जारी की है। इस सूची में बीजेपी ने पूर्व से लेकर पश्चिम तक और उत्तर से लेकर दक्षिण तक, अपने संगठनात्मक ढांचे को फेंटकर रख दिया है। बीजेपी टीम स्पेशल 24 की मदद से एक ऐसा चक्रव्यूह रचना चाहती है, जिसको भेदना विपक्ष के लिए आसान नहीं होगा। क्या है ये पूरा मामला, आइये जानते हैं।

बीजेपी की स्पेशल 24 घोषित

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 24 सितंबर को 24 नेताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियां देते हुए एक लिस्ट जारी की। इनमें दो राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन), कई प्रदेश महामंत्री (संगठन), प्रदेश सह महामंत्री और क्षेत्रीय संगठक शामिल हैं। बीजेपी में महामंत्री (संगठन) का पद सामान्य राजनीतिक पदों से अलग है। यह एक पूर्णकालिक यानी फुल टाइम पद होता है। इनका काम पर्दे के पीछे रहकर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे, कार्यकर्ताओं और विभिन्न स्तरों की इकाइयों के बीच समन्वय बनाए रखना होता है। बूथ से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक संगठन की गतिविधियों पर नजर रखना उनकी जिम्मेदारियों में शामिल है। इसी वजह से किसी राज्य में संगठन महामंत्री की नियुक्ति को पार्टी के अंदर काफी महत्वपूर्ण बदलाव माना जाता है।

क्यों अहम है ये बदलाव

यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब बीजेपी 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुटी है और उसके बाद 2029 का लोकसभा चुनाव भी अगले बड़े राजनीतिक पड़ाव के तौर पर सामने होगा। संगठन के स्तर पर देखें तो 2027 के विधानसभा चुनावों से लेकर 2029 के लोकसभा चुनाव तक पार्टी के पास जमीनी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए यही संगठनात्मक ढांचा काम करेगा।

यूपी बीजेपी के महामंत्री संगठन धर्मपाल

यूपी बीजेपी के महामंत्री संगठन धर्मपाल

उत्तर प्रदेश में धर्मपाल फिर बने महामंत्री (संगठन)

इस लिस्ट में सबसे पहले बात उत्तर प्रदेश की। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने धर्मपाल सिंह को फिर से यूपी के प्रदेश महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी दी है। वह साल 2022 से लगातार यूपी बीजेपी में संगठन महामंत्री का कार्यभार संभाल रहे हैं। मूलरूप से बिजनौर के रहने वाले धर्मपाल सिंह 1986 में विद्यार्थी परिषद से जुड़े और 1990 में पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य शुरू किया। इसके बाद वह एबीवीपी के पश्चिमी यूपी के संगठन मंत्री, राष्ट्रीय मंत्री, यूपी और उत्तराखंड के संयुक्त क्षेत्रीय संगठन मंत्री रहे। 2017 के विधानसभा चुनावों में संघ की ओर से उन्हें बीजेपी में भेजा गया और झारखंड में भाजपा के संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई। धर्मपाल सिंह के अलावा अभय गिरि को ब्रज क्षेत्र का संगठक बनाया गया है और उनका केंद्र आगरा रहेगा। बीजेपी के लिए यूपी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। और 2027 का विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए हैट्रिक लगाने का मौका हो सकता है। यही वजह है कि सरकार से लेकर संगठन तक, बीजेपी हर मोर्चे पर पूरी तैयारी के साथ चुनाव में उतरना चाहती है।

मध्य प्रदेश बीजेपी के महामंत्री संगठन बने चंद्रशेखर

मध्य प्रदेश बीजेपी के महामंत्री संगठन बने चंद्रशेखर

मध्य प्रदेश में चंद्रशेखर की एंट्री

यूपी के बाद बात करते हैं मध्य प्रदेश की। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने मध्य प्रदेश में भी संगठन महामंत्री की नियुक्ति की है। जनवरी 2026 में हितानंद शर्मा के संघ में लौटने के बाद करीब आठ महीने से यह पद खाली था। अब मध्य प्रदेश में तेलंगाना से चंद्रशेखर को लाया गया है। मूल रूप से बांदा के रहने वाले चंद्रशेखर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक हैं और काशी क्षेत्र एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीजेपी के संगठन मंत्री रहे हैं। साल 2014 के आम चुनावों के दौरान उन्होंने वाराणसी लोकसभा सीट पर पीएम मोदी के चुनावी अभियान को धार देने का काम किया। इसके बाद सितंबर 2017 में उन्हें राजस्थान भाजपा का संगठन महामंत्री और जनवरी 2024 में तेलंगाना का संगठन महामंत्री नियुक्त किया गया। चंद्रशेखर की गिनती पर्दे के पीछे रहकर मजबूत रणनीति बनाने वाले संगठक के रूप में होती है। मध्य प्रदेश में 2027 में स्थानीय निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं और अगला विधानसभा चुनाव 2028 के अंत में होना है। हाल ही में दतिया विधानसभा चुनाव में जिस तरह पार्टी के भीतर गुटबाजी सामने आई और बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा, ऐसे में यहां चंद्रशेखर की नियुक्ति संगठन और अनुशासन को व्यवस्थित करने के नजरिए से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बीजेपी ने जारी की संगठन महामंत्रियों की लिस्ट

बीजेपी ने जारी की संगठन महामंत्रियों की लिस्ट

लिस्ट में शामिल हैं ये नाम

बीजेपी की इस नई लिस्ट में कुछ और नाम भी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, अजय जामवाल को महाराष्ट्र, मधुकर को आंध्र प्रदेश और तेलंगाना, भिखुभाई दलसानिया को बिहार, पवन साय को झारखंड, सिद्धार्थन को हिमाचल प्रदेश और रत्नाकर को गुजरात, दादरा एवं नगर हवेली एवं दमन-दीव की जिम्मेदारी मिली है। इसी तरह फणीन्द्रनाथ शर्मा उत्तराखंड, पवन राणा दिल्ली और हरियाणा, कर्मवीर छत्तीसगढ़, मानस मोहंती ओडिशा, मंत्री श्रीनिवासुलु पंजाब और चंडीगढ़ एवं अमिताभ चक्रवर्ती पश्चिम बंगाल के प्रदेश महामंत्री (संगठन) बनाए गए हैं।

इसके अलावा दशरथ को तेलंगाना का प्रदेश सह महामंत्री (संगठन), अरुण बिन्नाडी को गुजरात का प्रदेश सह संगठन मंत्री और सतीश धोंड को महाराष्ट्र में सह संगठन मंत्री के साथ-साथ गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में जनजाति संपर्क की जिम्मेदारी दी गई है। राष्ट्रीय स्तर पर शिवप्रकाश को एक बार फिर राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री बनाया गया है और उन्हें आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गोवा का प्रभार दिया गया है। वहीं राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री बनाए गए सौदान सिंह को बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी दी गई है।

2027 के साथ 2029 पर निशाना

यहां इस पूरे फेरबदल की बड़ी तस्वीर समझना जरूरी है। 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गुजरात, हिमाचल प्रदेश सहित कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले बीजेपी ने संगठन का एक ऐसा ढांचा तैयार किया है जो चुनावी तैयारियों को धार देने का काम करेगा। 2027 के विधानसभा चुनावों में जिन राज्यों में पार्टी संगठन सक्रिय होगा, वही नेटवर्क बाद में लोकसभा चुनाव की तैयारियों में भी इस्तेमाल होगा। इन 24 नामों के पीछे बीजेपी का एक बड़ा प्लान है। ये सभी संगठन महामंत्री अपने-अपने नए कार्यक्षेत्रों में उतरेंगे और संगठन में बूथ से लेकर राज्य स्तर तक जहां-जहां कमियां हैं, उन्हें दुरुस्त करने का काम करेंगे। संगठन की टीमों की घोषणा हो, सरकार और संगठन के बीच समन्वय हो, कार्यकर्ताओं की नाराजगी या उनका समायोजन हो, इन सभी पहलुओं पर संगठन महामंत्री रोडमैप तैयार करेंगे।

इस फेरबदल से पहले 23 सितंबर को बीजेपी ने 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रभारी और सह-प्रभारियों की भी घोषणा की थी और अगले ही दिन संगठन महामंत्रियों और अन्य संगठन पदाधिकारियों की नियुक्तियां कर दी गईं। इस पूरे घटनाक्रम को साथ जोड़कर देखेंगे तो बीजेपी की रणनीति की तस्वीर साफ हो जाती है। बीजेपी ने 27 के साथ-साथ 2029 की मजबूत किलेबंदी अभी से शुरू कर दी है। संगठनात्मक ढांचे को नए सिरे से गढ़ना, एक साथ इतने बड़े स्तर पर संगठन महामंत्रियों की घोषणा, भविष्य की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि विपक्ष भाजपा की इस स्पेशल 24 का मुकाबला किस तरह करेगा।

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