क्राइम

प्रज्वल रेवन्ना को नहीं मिली राहत, बेंगलुरु अदालत ने खारिज की जमानत याचिका

कई महिलाओं से बलात्कार और यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे जद (एस) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को राहत मिलने के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। कोर्ट से उन्हें फिर झटका लगा है।

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प्रज्वल रेवन्ना को राहत नहीं

Prajwal Revanna: बेंगलुरु की एक अदालत ने कई मामलों में दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे जनता दल-सेक्युलर (जद-एस) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका बुधवार को खारिज कर दी। प्रज्वल (33) फिलहाल विशेष जांच दल (एसआईटी) की हिरासत में हैं। एसआईटी प्रज्वल पर लगे यौन अपराधों के आरोपों की जांच कर रही है। हालिया लोकसभा चुनाव से कुछ दिन पहले प्रज्वल की कई वीडियो क्लिप प्रसारित हुई थीं।

कई महिलाओं से बलात्कार और यौन शोषण का आरोप

10 जून को बेंगलुरु की एक अदालत ने कई महिलाओं से बलात्कार और यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे जद (एस) के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इससे पहले अदालत ने 31 मई को रेवन्ना को छह जून तक के लिए एसआईटी की हिरासत में भेज दिया था और बाद में हिरासत 10 जून तक बढ़ा दी थी।

एसआईटी ने हिरासत के दौरान साक्ष्य जुटाने और गवाहों से पूछताछ करने समेत विस्तृत जांच की तथा आरोपों के बारे में रेवन्ना से व्यापक पूछताछ की।अदालत ने आरोपों की गंभीरता और एसआईटी की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए रेवन्ना को 24 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला किया था।

हासन सीट से हार

रेवन्ना (33) को हाल में संपन्न लोकसभा चुनाव में हासन सीट से हार का सामना करना पड़ा था। जद (एस) के संरक्षक एवं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल (33) ने राजग उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। 26 अप्रैल को हासन में चुनाव होने के बाद प्रज्वल के खिलाफ महिलाओं के यौन शोषण के आरोप सामने आने के बाद जद (एस) ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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