Kanpur Shootout: पुलिस से लूटी गई Ak- 47 और इंसास रायफल बरामद, दबोचा गया 50 हजार का इनामी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 14, 2020, 01:51 PM IST

AK 47 and INSAS rifle recovered in Kanpur: कानपुर में विकास दुबे द्वारा किए गए शूटआउट में पुलिस की लूटी गई एके 47 रायफल और उसके 17 कारतूस तथा इंसास रायफल और उसके 20 कारतूस बरामद किए गए हैं।

Kanpur Shootout: पुलिस से लूटी गई Ak- 47 और इंसास रायफल बरामद, दबोचा गया 50 हजार का इनामी

लखनऊ: कानपुर पुलिस ने बिकरू पुलिस मुठभेड़ के आरोपी और गैंगस्टर विकास दुबे के सहयोगी शशिकांत को गिरफ्तार कर लिया गया है, शशिकांत के सिर पर 50 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। शशिकांत से पूछताछ के आधार पर पुलिस मुठभेड़ में लूटी गयी पुलिस की एके 47 रायफल और उसके 17 कारतूस तथा इंसास रायफल और उसके 20 कारतूस बरामद किए गए हैं।

एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कानपुर में बताया कि पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार के इनामी अभियुक्त शशिकांत उर्फ सोनू को सोमवार देर रात्रि दो बज कर पचास मिनट पर चौबेपुर से गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने बताया कि शशिकांत ने पूछताछ में जानकारी दी कि लूटा गया असलहा उसके और विकास दुबे के मकान में छिपा है। इसी के आधार पर विकास दुबे के घर से एके 47 रायफल और 17 कारतूस और शशिकांत के घर से इंसास रायफल और 20 कारतूस बरामद हुये हैं। ये हथियार मुठभेड़ के दौरान पुलिस से लूटे गये थे।

उन्होंने बताया कि बिकरू पुलिस मुठभेड़ में 21 नामजद अभियुक्तों में से चार अभियुक्त गिरफ्तार किये गये हैं, छह अभियुक्त अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में मारे गये हैं। अभी 11 नामजद अभियुक्त की तलाश की जा रही है।

शहीद पुलिस कर्मियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुए गंभीर खुलासे

पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक गैंगस्टर विकास दुबे और उसके साथियों ने सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत 8 पुलिसकर्मियों को बड़ी ही बेरहमी से मारा था और उनकी हत्या करने के लिए धारधार हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया था।रिपोर्ट के मुताबिक शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा को चार गोली मारी गईं जिसमें से तीन उनके शरीर से आर-पार हो गई जिसमें से एक गोली उनके सिर में एक छाती में और 2 पेट में लगी थी ऐसा बताया जा रहा है।कहा जा रहा है कि जिस तरीके विकास और उसके गुर्गों ने आठों पुलिस कर्मियों को मारा है उसके साफ लगता है कि सिर्फ मारना ही नहीं बल्कि बदला लेने का मकसद अहम था ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि उन सभी की हत्या ढूंढकर कर बेहद ही निर्दयता के साथ की गई थी। पुलिसकर्मियों के सिर, चेहरे, हाथ, पैर, सीने और पेट में गोलियां लगीं मिली थीं।

 कानपुर के बिकरु गांव में शहीद हुए थे 8 पुलिसकर्मी

उत्तर प्रदेश के कानपुर में 2 जुलाई की रात बिकरु गांव में पुलिस की एक टीम पर बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी जिसमें एक सीओ, एक एसओ, दो एसआई तथा 4 जवान समेत 8 पुलिसकर्मी  शहीद हो गए थे शहीद होने वालों में डिप्टी एसपी देवेंद्र मिश्रा, भी शामिल थे पुलिस को सूचना मिली थी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे गांव में छिपा है और विकास दुबे की क्रिमिनल हिस्ट्री को देखते हुए करीब 40 पुलिसकर्मियों की टीम वहां पहुंची थी वहीं ये लोमहर्षक कांड हुआ था हालांकि बाद मे पुलिस ने विकास दुबे का एनकाउंटर भी कर दिया था।

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