क्राइम

मामी को मारा, कुत्ते को मारा लेकिन तोते को 'हल्का' समझ छोड़ दिया, फिर पलटी बाजी और मिट्ठू ने ही भिजवा दिया जेल

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Mar 26, 2023, 09:59 PM IST

Agra Parrot: आगरा में एक तोते ने हत्यारे का पूरा खेल खराब कर दिया। आज सिर्फ उस तोते की वजह से आरोपी उम्रकैद की सजा काट रहा है। इस घटना में पुलिस को शुरुआत में कोई सबूत हाथ नहीं लगा था, लेकिन सिर्फ एक तोते की वजह से हत्यारा पकड़ा गया।

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आगरा में तोते ने कातिल तक पुलिस को पहुंचाया (प्रतीकात्मक फोटो- pixabay)

Agra Parrot: यूपी के आगरा में नौ साल पहले एक घर में दो हत्या होती है, एक महिला की और एक कुत्ते की। हत्या के बाद हत्यारे लूटपाट करते हैं और फिर गायब हो जाते हैं। इस दौरान हत्यारे सारे सबूत को मिटा देते हैं लेकिन एक गलती कर जाते हैं। उस घर में मौजूद एक तोते को वो जिंदा छोड़ देते है। हत्यारे सोचते हैं कि वो एक तोता उनका क्या बिगाड़ लेगा, लेकिन बाद में इसी तोते ने उनका खेल खराब कर दिया।

क्या है घटना

घर के मालिक का नाम विजय शर्मा था, जो पेशे से पत्रकार से थे और घटना के समय घर से बाहर थे। जब वो घर पहुंचे तो वहां अपनी पत्नी और पालतू कुत्ते को मरा पाया। घर की हालात देखकर वो हैरान रह गए, किसी तरह से अपने को संभाला और पुलिस को घटना की जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और लाश को कब्जे लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

तोते की एंट्री

पुलिस काफी कोशिश की लेकिन हत्यारे का पता नहीं चला। जांच चलती रही, पुलिस भटकती रही लेकिन हत्यारे को कोई सुराग हाथ नहीं लगा। इसी बीच किसी की ध्यान उस तोते पर गया, जो बार-बार हत्या के बाद से मृतिका के भांजे का नाम रट रहा था। बात पुलिस तक पहुंची और फिर तोते की निशानदेही पर पुलिस ने भांजे आशुतोष गोस्वामी को उठा लिया।

कोर्ट की कहानी

पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो भांजे ने सारी कहानी का राज खोल दिया। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। फिर सबूत जुटाने लगी। इस हत्या के छह महीने बाद मिट्ठू ने दम तोड़ दिया। हालांकि तब तक पुलिस इतना सबूत जुटा चुकी थी कि नौ साल बाद जब फैसले की घड़ी आई तो कोर्ट ने आरोपी को उम्र कैद की सजा सुना दी। साथ ही जुर्माना भी लगाया गया।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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