पहले जबरदस्ती पिलाई शराब, फिर तार-तार की अस्मत; दिल्ली में नाबालिग के साथ दिल दहला देने वाली दरिंदगी
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Dec 25, 2025, 10:14 PM IST
दिल्ली में एक नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने नाबालिग को जबरदस्ती शराब पिलाकर फिर उसके साथ जघन्य वारदात को अंजाम दिया था।
राजधानी दिल्ली में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म।
राजधानी दिल्ली में फिर एक नाबालिग दरिंदों का शिकार बनी है, यहां के समयपुर बादली इलाके में एक 13 साल की नाबालिग को जबरन शराब पिलाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आई है। पुलिस उपायुक्त (बाहरी उत्तर) हरेश्वर स्वामी ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ये घटना 20 दिसंबर की है। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिनमें से एक बैंक कर्मी ऋषभ (26)और दूसरा राजा विहार में सैलून मालिक नरोत्तम उर्फ नेता (28)है। फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश में लगी है।
शराब के नशे में थी किशोरी
पुलिस उपायुक्त (बाहरी उत्तर) हरेश्वर स्वामी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि 20 दिसंबर की शाम पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर)को सूचना मिली कि राजा विहार में एक लड़की को जबरन शराब पिलाई गई है। इसके बाद तुरंत पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और जांच की। तब पीड़िता के पिता ने बताया कि उनकी बेटी शराब के भीषण नशे में थी। बाद में जब पीड़िता का नशा उतरा और उसका बयान दर्ज किया गया तो गंभीर मामले का पता चला।
जबरदस्ती पिलाई गई थी शराब
अपने बयान में पीड़िता ने पुलिस को बताया कि राजा विहार में सैलीन का मालिक नरोत्तम उसे बहला-फुसलाकर एक खाली घर में ले गया था,जहां उसने उसे बैंक कर्मी ऋषभ से मिलवाया। इसके बाद दोनों ने जबरन उसे खूब शराब पिलाई और फिर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
एसआईटी का हुआ गठन
पुलिस ने पीड़िता के बयान और चिकित्सा परीक्षण के आधार पर 21 दिसंबर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(सामूहिक दुष्कर्म)और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो)अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। फिर पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच के दौरान पता चला कि जहां इस वारदात को अंजाम दिया गया वह खाली घर नरोत्तम का था।
पुलिस ने बताया कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए समय पर जांच के लिए पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) की देखरेख में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया और गहन जांच की जा रही है।