जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग में गोंडोला (केबल कार) सेवा में तकनीकी खराबी के कारण सोमवार को बड़ा हादसा टल गया। सर्विस अचानक बंद हो जाने से करीब 260 से अधिक पर्यटक केबिनों में हवा में फंस गए, जिसमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग हैं। किसी हादसे की आशंका जाहिर करते हुए लोग रोने चिल्लाने और कुछ देर तक अफरातफरी का माहौल रहा। हालांकि, त्वरित रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी 62 केबिनों (ट्रॉली) में से 10 को खाली करा लिया गया है। फंसे हुए पर्यटकों को रस्सी के सहारे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सामने आए वीडियो में बचाव एजेंसियों के साथ सेना ने रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित किया। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पूरे मामले पर नजर रखते हुए कहा कि वे स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। हालांकि, पूरे रेस्क्यू को करने में रात भी हो सकती है क्योंकि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण गुलमर्ग के उस हिस्से पर बादल छाए हुए हैं और हल्की बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना बनी हुई है।
179 पर्यटक सुरक्षित
पहले पांच घंटों में 179 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ केबिन जमीन से लगभग 500 फुट ऊपर थे। उन्होंने कहा कि इलाके में भारी बारिश से भी बचाव कार्यों में बाधा आ रही है। अधिकारियों ने बताया कि कुछ केबिन लगभग 500 फुट की ऊंचाई पर थे, इसलिए इन केबिन से यात्रियों को निकालने में समय लग रहा था। एक अधिकारी ने कहा, ’’अब तक लगभग 60 प्रतिशत केबिन से यात्रियों को निकाला जा चुका है।’
गृहमंत्री ने राहत बचाव दल को दी बधाई
मामले पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि कश्मीर के गुलमर्ग में केबल कारों में फंसे पर्यटकों को सुरक्षित बचाने के लिए आपदा राहत बलों को बधाई। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना के जवान, स्थानीय पुलिस और प्रशासन की आपदा राहत टीमों ने छह घंटे के लंबे अभियान के दौरान 65 केबल कारों में फंसे सभी यात्रियों को बचा लिया। राष्ट्र इन बलों के शौर्य और कौशल को सलाम करता है।
पुलिस, सेना, एसडीआरएफ रेस्क्यू में जुटी
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करते हुए मनोज सिन्हा ने लिखा कि गुलमर्ग में तकनीकी खराबी के कारण केबल कार के डिब्बों में फंसे पर्यटकों को बचाने के अभियान पर मैं नजर रख रहा हूं। मैंने डीजीपी को घटनास्थल पर जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस, सेना, एसडीआरएफ, डीसी और एसएसपी की संयुक्त टीम सभी पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बचाव अभियान चला रही है। वहीं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी लोगों से अपील की कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पर लिखा कि गुलमर्ग गोंडोला सेवा में तकनीकी खराबी के कारण अस्थायी रूप से रोकी गई केबल कार की स्थिति पर सरकार बारीकी से नजर रख रही है। सभी केबिन सुरक्षित हैं और फंसे पर्यटकों को बाहर निकालने के लिए प्रशिक्षित टीमें मौके पर काम कर रही हैं। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
गोंडोला में खराबी की घटना के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी नलिन प्रभात गुलमर्ग के लिए रवाना हो गए हैं। बचाव अभियान जारी होने के कारण वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। खराबी के कारण फंसे पर्यटकों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला जा रहा है। हालांकि, गुलमर्ग में बादल छाए हुए हैं और बारिश और ओलावृष्टि के कारण रेस्क्यू में दिक्कते आ रही हैं।
गुलमर्ग रोपवे की खासियत
बताते चलें कि गुलमर्ग रोपवे दुनिया के सबसे ऊंचे और लंबे केबल कार सिस्टम में से एक है। इसमें कुल 108 केबिन हैं और एक केबिन में 6 लोग बैठ सकते हैं। यहां हर साल गर्मियों के दिनों में भारी संख्या में पर्यटक छुट्टी बिताने के लिए पहुंचते हैं। गुलमर्ग गोंडोला सेवा का लाभ उठाते हुए पर्यटक बर्फीली चोटियों के खूबसूरत दृश्यों को देखते हैं। दूसरी, ओर गुलमर्ग में गोंडोला (केबल कार) सेवा में तकनीकी खराबी की जांच भी एक विषय है क्योंकि, यह सीधे तौर पर पर्यटकों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। गोंडोला की बात करें तो यह खिताब Dagu Glacier Gondola के नाम दर्ज है। चीन के सिचुआन प्रांत स्थित डागू ग्लेशियर नेशनल पार्क में बना यह गोंडोला करीब 4,860 मीटर की ऊंचाई तक जाता है। यह पर्यटकों को कुछ ही मिनटों में बर्फ से ढके ग्लेशियर क्षेत्र तक पहुंचा देता है, जिससे पर्यटक मनमोहक दृश्य का आनंद लेते हैं।
मीडिया खबरों के मुताबिक, सोमवार की दोपहर करीब 2 बजकर 30 मिनट पर गोंडोला सर्विस में खराबी आई। शुरुआती स्तर पर तकनीकी टीमों ने मौके पर ही खराबी दूर करने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। जिसके बाद फायर एंड इमरजेंसी सर्विस समेत अन्य एजेंसियों को रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए बुलाया गया। जानकारी के मुताबिक फेज-2 रूट में रेस्क्यू ऑपरेशन ज्यादा चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि उसकी ऊंचाई ज्यादा है, जिससे राहत पहुंचाने में रात भी हो सकती है।

गुलमर्ग में गोंडोला रोपवे के बारे में
दुनिया का दूसरा सबसे ऊंचा केबल कार
जानकारी के मुताबिक, ऊंचाई के मामले में दूसरे स्थान पर Mérida Cable Car है, जो वेनेजुएला में है। यह केबल कार लगभग 4,765 मीटर की ऊंचाई तक संचालित होती है और मेरिडा शहर को पिको एस्पेजो पर्वत से जोड़ती है। यहां से एंडीज पर्वतमाला का बेहद शानदार साफ दृश्य नजर आता है।
त्रिकुट पहाड़ियों पर हुआ था रोपवे हादसा
इससे पहले साल 2022 में झारखंड देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर के पास त्रिकुट पहाड़ी पर 12 रोपवे ट्रॉली आपस में टकरा गईं थी। इस हादसे में दो लोगों की मौत और अन्य 48 लोग ट्रॉलियों में फंस गए थे, जिन्हें हेलीकॉप्टर के जरिए रेस्क्यू किया गया था।
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